झारखंड सरकार के 2 बजट होटल बनकर तैयार, किफायती दर पर हो सकेगी बुकिंग

रांची। झारखंड में पर्यटन को नई ऊंचाई देने की दिशा में पर्यटन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य में पर्यटकों को किफायती और बेहतर ठहराव की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नेतरहाट और खूंटी में बजट होटल सेवा शुरू की है।
दोनों स्थानों पर बने बजट होटलों को पर्यटन विभाग को हैंडओवर कर दिया गया है और अगले एक-दो दिनों में इनके औपचारिक रूप से शुरू होने की संभावना है। नेतरहाट और खूंटी में बने बजट होटलों में 32-32 कमरे हैं।
कमरों को पर्यटकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सुसज्जित किया गया है। इन होटलों का उद्देश्य मध्यम और सामान्य वर्ग के पर्यटकों को कम खर्च में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है।
डेस्टीनेशन मैरेज और कार्यक्रमों के लिए बैंक्वेट हाल
इन बजट होटलों में केवल ठहरने की ही नहीं, बल्कि बैंक्वेट हाल की भी व्यवस्था की गई है। यहां डेस्टीनेशन मैरेज, सामाजिक, सांस्कृतिक और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। बैंक्वेट हाल का किराया भी किफायती रखा गया है, ताकि स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों इसका लाभ उठा सकें।
करीब दो हजार रुपये होगा कमरे का किराया
कमरों का किराया लगभग दो हजार रुपये के आसपास तय किया गया है। हालांकि, खूंटी में बने बजट होटल के कमरों का किराया नेतरहाट की तुलना में कुछ कम रखा जाएगा। सेवा शुरू होते ही बुकिंग प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी जाएगी।
ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा
पर्यटन विभाग की ओर से ऑनलाइन बुकिंग की भी व्यवस्था की जा रही है, ताकि आने वाले पर्यटक कहीं से भी आसानी से कमरों की बुकिंग करा सकें। इससे झारखंड के पर्यटन स्थलों तक पहुंच और सुविधाजनक होगी। नववर्ष पर अभी पर्यटन स्थलों पर काफी भीड़ चल रही है। उनके ठहरने में सुविधा होगी।
धनबाद में भी बन रहा बजट होटल
पर्यटन विभाग ने धनबाद में भी बजट होटल का निर्माण शुरू कराया है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह होटल वर्ष के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगा। विभाग ने निर्माण एजेंसी को समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा अन्य जिलों में भी बजट होटल और किफायती आवास सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
नेतरहाट : प्रकृति प्रेमियों की पहली पसंद
लातेहार जिले में स्थित नेतरहाट, जिसे छोटानागपुर की रानी कहा जाता है, अपने मनमोहक सूर्योदय, सूर्यास्त और हरे-भरे जंगलों के लिए प्रसिद्ध है। मैगनोलिया प्वाइंट, लोध और घाघरी जलप्रपात तथा पाइन फारेस्ट सहित अन्य यहां के प्रमुख आकर्षण हैं।
खूंटी : प्राकृतिक सौंदर्य और आदिवासी विरासत का संगम
खूंटी झरनों, जंगलों और आदिवासी संस्कृति के लिए जाना जाता है। भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली होने के कारण इसका ऐतिहासिक महत्व भी है। पंचघाघ, रानी जलप्रपात, अंगराबारी शिव मंदिर और डोम्बारी पहाड़ यहां के प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं।
इन दोनों पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हर वर्ग के लोगों के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बजट होटल सेवा शुरू की जा रही है, जिससे राज्य के पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। -मनोज कुमार, सचिव, पर्यटन विभाग



