
झॉसी। डा. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2014-15 में 21 गांवों का विकास कराया जाना था। पर चुनाव में आचार संहिता के कारण इस इन ग्रामों का विकास नहीं हो सका। अब आचार संहिता समाप्त होते ही इन गांवों के विकास कार्यों में तेजी लाने का काम शुरू हो चुका है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार आने के बाद पिछड़े गांवों को संतृप्त करने के लिए समग्र विकास कराने के पिछली सरकार की डा. अंबेडकर योजना समाप्त कर यिा था। गांवों के विकास के लिए डा. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना शुरू हुई थीं। वर्ष 2012-13 में 16 गांवों का चयन किया गया था। उस वक्त इन सारे ग्रामों को संतृप्त करना लक्ष्य रहा। इन गांवों में विकास की गंगा बहाई गई। वर्ष 2013-14 में 21 गांवों का चयन किया गया था। वित्त वर्ष समाप्त होने के बाद वर्ष 2014-15 के लिए चयनित गांवों में विकास कार्य कराने की योजना तैयार की गई, लेकिन लोकसभा चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण अभी तक इस मामले में कोई प्रगति नहीं हुई है।