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इंडोनेशिया के भूकंप में अब तक 252 की मौत, PM मोदी बोले- हम साथ खड़े हैं

नई दिल्ली: इंडोनेशिया के मुख्य द्वीप जावा में आए भूकंप से मरने वालों की संख्या 252 पहुंच गई है. एक स्थानीय प्रशासन ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ये आंकड़ा अभी और भी बढ़ सकता है. वहीं 31 लोग अभी लापता बताए जा रहे जबकि 377 लोग घायल हैं. इसके अलावा 7 हजार से ज्यादा लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है. भूकंप से मची तबाही के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है.

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया में भूकंप से हुई मौतों पर मंगलवार को शोक जताया और कहा कि दुख की इस घड़ी में भारत वहां के लोगों के साथ खड़ा हैं. जावा में सोमवार को आए भीषण भूकंप और उसके बाद आए झटकों के कारण कई मकान गिर गए हैं. मोदी ने एक ट्वीट में कहा, इंडोनेशिया में भूकंप से जान और माल को हुई क्षति से दुखी हूं. पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं. उन्होंने कहा, दुख की इस घड़ी में भारत इंडोनेशिया के साथ खड़ा है.’

मोदी ने इस ट्वीट को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो के ट्विटर हैंडल से भी टैग किया है. भूकंप से दर्जनों इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और अपनी जान बचाने के लिए सड़कों और गलियों में भाग रहे लोगों में से कई घायल और खून से लथपथ नजर आए.

जावा के गवर्नर रिदवान कामिल ने बताया कि मरने वालों में ज्यादातर बच्चे हैं.’ उन्होंने बताया कि भूकंप के वक्त पब्लिक स्कूलों में पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चे अपनी पढ़ाई खत्म होने के बाद इस्लामिक स्कूल में तालीम ले रहे थे. सियांजुर में सबसे बड़ी संख्या में इस्लामिक आवासीय स्कूल और मस्जिद हैं.

कामिल ने कहा, कई इस्लामिक स्कूलों में हादसे हुए हैं. अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण ने कहा कि 5.4 तीव्रता का भूकंप पश्चिम जावा प्रांत के सियांजुर क्षेत्र में 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई में केंद्रित था. इंडोनेशिया की मौसम एवं जलवायु विज्ञान और भूभौतिकीय एजेंसी के मुताबिक, भूकंप आने के बाद 25 झटके और दर्ज किए गए. सियांजुर क्षेत्रीय अस्पताल में उपचाराधीन श्रमिक हसन ने कहा, भूकंप बेहद भीषण था और मैं बेहोश हो गया था.

मैंने देखा कि मेरे साथी इमारत से बाहर भाग रहे हैं लेकिन मुझे निकलने में देरी हो गई और मैं दीवार से टकरा गया. सियांजुर में बचाव दल के सदस्यों के अलावा स्थानीय लोग भी राहत और बचाव कार्य में मदद करते दिखे. घटना में सैकड़ों लोग घायल हो गए क्योंकि वे ढह गईं इमारतों की चपेट में आ गए.

इंडोनेशिया की आबादी 27 करोड़ से अधिक है और यह भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट तथा सुनामी से अक्सर प्रभावित होता रहता है. इस साल फरवरी में, पश्चिम सुमात्रा प्रांत में 6.2 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई थी और 460 से अधिक घायल हो हुए थे. जनवरी 2021 में, पश्चिम सुलावेसी प्रांत में 6.2 तीव्रता के भूकंप से 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 6,500 लोग घायल हो गए थे. 2004 में हिंद महासागर में आए एक शक्तिशाली भूकंप और सुनामी ने एक दर्जन देशों में लगभग 2,30,000 लोगों की जान ली थी, जिनमें से अधिकतर इंडोनेशिया में थे.

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