ज्ञान भंडार
31 दिन, 5 शतक, 4 अर्धशतक और मिल गई यंग टीम इंडिया में जगह

दस्तक टाइम्स/एजेंसी:

वंडर ब्वॉय नाम से मशहूर अमनदीप खरे का अंडर-19 भारतीय टीम में चुना जाना आश्चर्यजनक नहीं है। 1 से 31 अक्टूबर तक के बल्लेबाज के प्रदर्शन पर नजर डालें तो खिलाड़ी ने इस दौरान अंडर-19 और अंडर-23 के टूर्नामेंट में कुल 12 मैच खेले। 5 शतक और 4 अर्धशतक लगाए और कुल 851 रन बनाकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा।
शुरुआत वीनू मांकड़ वनडे टूर्नामेंट से
अक्टूबर में भुवनेश्वर में खेले गए अंडर-19 वीनू मांकड़ टूर्नामेंट में अमनदीप ने चार मैचों में 86.33 की औसत से 259 रन बनाए। खिलाड़ी ने राजस्थान के खिलाफ 102 रन की शतकीय पारी खेली। विदर्भ के खिलाफ नाबाद 78 रन, मप्र के खिलाफ 53 रन और उप्र के विरुद्ध 26 रन बनाए।
अक्टूबर में भुवनेश्वर में खेले गए अंडर-19 वीनू मांकड़ टूर्नामेंट में अमनदीप ने चार मैचों में 86.33 की औसत से 259 रन बनाए। खिलाड़ी ने राजस्थान के खिलाफ 102 रन की शतकीय पारी खेली। विदर्भ के खिलाफ नाबाद 78 रन, मप्र के खिलाफ 53 रन और उप्र के विरुद्ध 26 रन बनाए।
फिर चार दिवसीय मुकाबले में उतरे
वीनू मांकड़ टूर्नामेंट में शानदार बल्लेबाजी के दम पर अमनदीप को चार दिवसीय अंडर-23 सीके नायडू टूर्नामेंट के लिए छग टीम में जगह मिली। मध्यक्रम के बल्लेबाज को एक ही पारी में खेलने का मौका मिला और उसने 190 गेंद पर 95 रनों की शानदार पारी खेलकर अपने संयमित खेल से भी सबका परिचय कराया।
वीनू मांकड़ टूर्नामेंट में शानदार बल्लेबाजी के दम पर अमनदीप को चार दिवसीय अंडर-23 सीके नायडू टूर्नामेंट के लिए छग टीम में जगह मिली। मध्यक्रम के बल्लेबाज को एक ही पारी में खेलने का मौका मिला और उसने 190 गेंद पर 95 रनों की शानदार पारी खेलकर अपने संयमित खेल से भी सबका परिचय कराया।
जोनल टूर्नामेंट में बिखेरी चमक
वीनू मांकड़ टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के आधार पर अमनदीप को इंटर जोनल टूर्नामेंट के लिए सेंट्रल जोन का उपकप्तान बनाया गया। अमनदीप ने वेस्ट जोन के खिलाफ नाबाद 139 रन बनाए। इसके बाद ईस्ट जाेन के खिलाफ 142 रन, नॉर्थ जोन के खिलाफ नाबाद 61 और साउथ जोन के सामने 62 रन बनाए। इस तरह से कुल 404 रन बनाकर सेंट्रल जोन को विजेता बनाया।
वीनू मांकड़ टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के आधार पर अमनदीप को इंटर जोनल टूर्नामेंट के लिए सेंट्रल जोन का उपकप्तान बनाया गया। अमनदीप ने वेस्ट जोन के खिलाफ नाबाद 139 रन बनाए। इसके बाद ईस्ट जाेन के खिलाफ 142 रन, नॉर्थ जोन के खिलाफ नाबाद 61 और साउथ जोन के सामने 62 रन बनाए। इस तरह से कुल 404 रन बनाकर सेंट्रल जोन को विजेता बनाया।