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40 साल पहले शुरू हुआ Rekha, Amitabh की मोहब्बत का सिलसिला…

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आज उस लव स्टोरी का जिक्र, जिसका कभी ऐलान तो नहीं हुआ लेकिन फिर भी, ज़माने भर में ये प्रेम कहानी सुर्खियों में रही। वो प्यार, जो कहने को तो छुपा रहा, लेकिन जिसके बारे में ना जाने कितनी कहानियां हवाओं में तैरती रहीं.

कहने को तो सिलसिला एक फिल्म थी लेकिन फिर भी देखने वालों को इस फिल्म के किरदार हक़ीक़त के बेहद क़रीब नजर आए।
इन किरदारों की बेपनाह मोहब्बत। इनके रिश्तों की उलझने और आखिरकार समाज के बंधनों के सामने समझौता करती इनकी मोहब्बत देखकर लोगों को ये भी लगा कि ये महज़ एक फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि मोहब्बत में सुलगते एक दिल से निकली आवाज़ है ।
क्या वाकई रेखा और अमिताभ की लव स्टोरी थी ? कुछ लोग कहते हैं कि मोहब्बत की ये दास्तान, कभी हक़ीकत थी ही नहीं । वहीं कई लोगों के पास इस प्रेम कहानी के कुछ ढके हुए।
1976 में आई फिल्म दो अनजाने में पहली बार अमिताभ और रेखा को साइन किया गया। उस वक्त ये दोनों एक दूसरे से अनजाने ही थे। अमिताभ इस वक्त तक स्टार बन चुके थे और जया भाधुड़ी से उनकी शादी को तीन साल हो चुके थे।
वहीं उस वक्त तक रेखा को ना तो कोई एक अभिनेत्री के तौर पर गंभीरता से लेता था और ना ही उनके लुक्स के दर्शक दीवाने थे । रेखा सांवले रंग की थी और उनका वज़न भी ज्यादा था। यानि रेखा बिल्कुल वैसी नहीं थी जैसी आमतौर पर हिंदी फिल्मों की अभिनेत्रियां हुआ करती थीं।
और फिर फिल्म दो अन्जाने के सेट रेखा की ज़िंदगी में एंट्री हुई। अमिताभ बच्चन की और उसके बाद रेखा के लिए मानो। सब कुछ बदल गया । सांवले रंग की मोटी सी रेखा बदलने लगी। अमिताभ की शख्सियत, उनके काम को देखकर, रेखा अब अपने काम को पहले के मुकाबले काफी संजीदगी से लेने लगी। अमिताभ बच्चन ने उन पर जादू सा कर दिया था।
रेखा जी तो हो गईं थी इश्क़ में गिरफ्तार । फिल्म दो अंजाने की कामयाब रही और इसके बाद प्रोड्यूसर्स को अमिताभ-रेखा के रूप में एक सुपर हिट जोड़ी मिल गई । रेखा और अमिताभ को कई फिल्मों के लिए साइन किया जाने लगा। और इसके बाद तो कभी फिल्मों के सेट्स पर। कभी शूटिंग के बाद बातें होने लगीं मुलाकातें होने लगीं।
इसके बाद गंगा की सौगंध, मुकद्दर का सिकंदर, खून पसीना जैसी फिल्मों की कामयाबी ने गूंज ने अमिताभ-रेखा की जोड़ी का डंका बजा दिया । रील लाइफ की ये खूबसूरत केमेस्ट्री, अब रियल लाइफ में भी नज़र आने लगी थी। सुपर स्टार अमिताभ बच्चन और रेखा की नज़दीकियों की खबरें अखबारों और फिल्म मैगज़ीन्स की सुर्खियां बनने लगी।
उस वक्त की कुछ फिल्म मैगजीन्स में ये भी छपा कि अमिताभ की पत्नी जया बच्चन तक भी इस अफेयर की खबरें पहुंची। और इस बात को लेकर उनके घर में भी काफी हंगामा रहा ।
फिल्म इंडस्ट्री में लोग चटखारे लेकर ‘सुपर स्टार जी’ और ‘रेखा जी’ के अफेयर के चर्चे कर रहे थे । रेखा खुद भी अपने करीबी दोस्तों से अपने इश्क और उससे जुड़े रिस्क का ज़िक्र करने लगी थी । लेकिन अगर कोई शख्स इस लव स्टोरी को पूरी तरह नकार रहा था तो वो थे खुद अमिताभ बच्चन । कहते हैं, रेखा दिल ही दिल में चाहती थीं कि अमिताभ जमाने के सामने कम से कम इस रिश्ते की बात तो करें । लेकिन ऐसा हुआ नहीं। और फिर एक दिन। रेखा नज़र आईं एक ऐसे अंदाज में, जिसे देखकर पूरी फिल्म इंडस्ट्री हैरान रह गई । 
मौका था अभिनेता ऋषि कपूर और नीतू सिंह की शादी का। आमतौर पर शादी में सबका ध्यान दूल्हा दुल्हन की तरफ ही होता है। लेकिन जैसे ही रेखा इस फंक्शन में आईं हर किसी की नजरें उनकी तरफ मुड़ गईं। क्योंकि किसी शादीशुदा महिला की तरह रेखा। अपनी मांग में सिंदूर भरकर आईं थीं । हर कोई रेखा के मांग में भरे सिंदूर को हैरत से देख रहा था । उसी समारोह में दबी जुबान में बातें होने लगी। सवाल उठने लगे कि क्या रेखा ने अमिताभ से शादी कर ली है?? उस रात की तस्वीरें कई मैगज़ीन्स में भी छपीं । लेकिन इन सवालों के जवाब में रेखा ने खुलकर कभी कुछ नहीं कहा । और ये राज़ ही रहा।
रेखा यहीं नहीं रुकीं। फिल्म मैगज़ीन स्टारडस्ट में छपे एक लेख के मुताबिक रेखा लोगों को अमिताभ के साथ अपने रिश्ते के बारे में इशारा देने के लिए अजीब अजीब सी हरकतें करती थीं । स्टारडस्ट में छपे इस लेख के मुताबिक रेखा ने एक स्टोर में जाकर ये भी बताया कि वो मां बनने वाली हैं।
लेकिन इसके बावजूद अमिताभ, रेखा के साथ अपने अफेयर की हर खबर पर। चुप्पी साधे रहे । इन दोनों के अफेयर की बातें होती रहीं, छुपकर होती मुलाकातों की खबरें छपती रहीं लेकिन अमिताभ बच्चन इस मामले में कुछ भी कहने से हमेशा बचते रहे ।
1984 के नवंबर अंक में फिल्मफेयर मैगज़ीन को दिए एक इंटर्व्यू में रेखा ने आखिरकार अपने और अमिताभ के रिश्ते का सच दुनिया को बताया और कई चौंकाने वाले खुलासे किए । रेखा ने नाम लिए बिना अमिताभ की पत्नी जया बच्चन पर भी निशाना साधा । रेखा ने कहा किसी को इस बात की फिक्र नहीं है कि मैं क्या कहना चाहती हूं। मैं तो दूसरी औरत हूं ना? ऐसी बातों से माता-पिता को भी शर्मिंदा होना पड़ता है।
ऐसे कौन से माता-पिता हैं जो अपने शादीशुदा बेटे के अफेयर की खबरों पर शर्मिंदा नहीं होंगे। इमेज की बात है ना। दूसरे इंसान(जया) की इमेज एक बेचारे शख्स की है जिससे उसे काफी फायदा होता है। ये एक बहुत अच्छी विशेषता है अगर आप अपनी हसरतों को खत्म कर सकते हैं और एक ऐसे शख्स के साथ एक छत के नीचे रह सकते हैं जिसके बारे में आप ये जानते हैं कि ये किसी और से प्यार करता है। मुझे उन्हें श्रेय देना होगा। मुझे ये फायदा नहीं मिल सकता। आज में किसी औऱ की होने की कल्पना भी नहीं कर सकती। मैं इस रिश्ते में बंधी हुई हूं। मेरी जिंदगी में जो कुछ भी होता है। उन्हीं की वजह से होता है। लेकिन शादी? हम ऐसी चीज के बारे में सोचकर क्यों दुखी हों जो हो ही नहीं सकती।
समझ में नहीं आया। ये मोहब्बत का ऐलान था या दिल में दबे हुए गुस्से का इज़हार। लेकिन रेखा के इस इंटर्व्यू ने उस दौर में काफी खलबली मचाई थी ।  ये तो हुई रेखा की बात लेकिन क्या आपको पता है जया बच्चन ने क्या किया  था ? अमिताभ और रेखा अफेयर की ‘अफवाहों’ से बेहद परेशान हो चुकी जया ने एक रात, रेखा को फोन कर दिया और अपने घर डिनर पर ही बुला लिया । अमिताभ बच्चन उस रात शहर से बाहर गए थे । फोन सुनकर रेखा थोड़ी घबराईं। थोड़ी कन्फ्यूज हुईं। लेकिन फिर उन्होने जया से मुलाकात के लिए हां कर दी ।
1977 में फिल्म मैगज़ीन स्टारडस्ट में छपे लेख के मुताबिक- रेखा थोड़ी घबराई हुई जया बच्चन के घर डिनर के लिए गईं । वो सोच रहीं थीं कि या तो जया गुस्से में उन पर चीखेंगी, चिल्लाएंगी या फिर प्यार से उन्हे समझाने की कोशिश करेंगी । लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ । जया ने बड़े आराम से उन्हे शानदार डिनर करवाया, उनसे अपने बंगले की सजावट की बात की। यानि सारी बातें हुई सिवाय अमिताभ बच्चन के जिक्र के । डिनर के बाद रेखा वापस चली गईं। लेकिन डिनर के बाद जब रेखा वापस जा रही थीं तो जया ने उनसे कहा-चाहे कुछ भी हो जाए मैं अमित को कभी नहीं छोड़ूंगी ।
लेकिन मैगज़ीन में छपे इस लेख के मुताबिक उस रात जया से हुई मुलाकात के बाद रेखा के मन में ये सवाल भी खड़ा हो गया कि- क्या वो जया बच्चनके साथ सही कर रही हैं ?  लेकिन रेखा शायद अपनी मोहब्बत से मजबूर थीं ।
कैसे निकले दिल के ग़ुबार? इस ‘रिश्ते’ में  और भी कई ‘दिल-चस्प’ ट्वीस्ट थे। बच्चन साहब कहते रहे कि उनके और रेखा के बीच कुछ है ही नहीं । लेकिन फिर भरी महफिल में रेखा से सामना होने पर वहां से क्यों खिसक लिए बच्चन साहब ? 
रेखा जहां चीख चीख कर दुनिया को अपने रिश्ते के बारे में बताना चाहती थीं वहीं बच्चन साब हमेशा कहते रहे कि कोई रिश्ता है ही नहीं। वहीं जया बच्चन रेखा को घर बुलाकर ये इशारा दे चुकीं थी कि उन्हे इस अफेयर की खबरें मिल रही हैं । लेकिन इन तीनों के इस इक्वेशन के बाद भी, अचानक एक ऐसी खबर आई जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया । अजीब सिलसिला था।
अमिताभ बच्च्न और रेखा की लव स्टोरी से जुड़ी खबरें जारी थीं । और इसी दौरान 1980 में आई एक खबर ने धमाका कर दिया । निर्माता-निर्देशक यश चोपड़ा ने ऐलान किया कि उनकी अगली फिल्म सिलसिला में लीड रोल्स में होंगे अमिताभ, रेखा और जया बच्चन ।
सिलसिला…अमिताभ , रेखा और जया बच्चन का…वहीं जया बच्चन जो अमिताभ बच्चन के साथ शादी के बाद फिल्में छोड़ चुकी थीं। वो इस फिल्म को करने के लिए वापस आईं ? ऐसी क्या ज़रूरत थी जो इश्क़ की खबरों की चिंगारी को हवा देकर, आग बना दिया । अब ये तीनों एक फिल्म में काम करने के लिए क्यों और कैसे राज़ी हो गए ? ये सवाल आज तक बना हुआ है । मीडिया में फिल्म को पब्लिसिटी भी ऐसी मिली जैसे ये फिल्म, इनकी रियल लाइफ से ही इन्सपायर्ड हो ।
मीडिया में खबरें आईं कि इस फिल्म में साथ काम करने के लिए खुद अमिताभ ने रेखा और जया से बात की थी क्योंकि साथ काम करके ये साबित हो सकता था कि रेखा और जया में कोई अनबन है ही नहीं और इस बात से अमिताभ-रेखा के अफयेर की खबरों पर भी लगाम लग जाएगा ।  लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
अब तक जिनकी मोहब्बत के किस्से दुनिया पढ़ा करती थी। जिनकी ज़िंदगी की कशमकश की कहानियां सिर्फ सुनी-सुनाई बातें हुआ करती थीं । सिलसिला देखकर ऐसा लगा जैसे वो किरदार पर्दे पर अपनी ज़िंदगी जी रहे हैं ।
अमिताभ, रेखा और जया बच्च्न आज तक यही कहते हैं कि फिल्म सिलसिला की कहानी का असली जिंदगी से कोई लेना-देना नहीं है  लेकिन  सिलसिला के निर्देशक यश चोपड़ा ने 11 अगस्त 2010 को बीबीसी एशियन नेटर्वक को दिए एक इंटरव्यू में कर दिया एक बड़ा खुलासा। यश चोपड़ा ने इस बात को कबूल किया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान वो काफी ज्यादा डरे हुए थे क्योंकि अमिताभ जया और रेखा के बीच पहले से ही बेहद तनाव था। यश चोपड़ा ने कहा-मैं सिलसिला की शूटिंग के दौरान डरा हुआ था क्योंकि हम रियल लाइफ की कहानी रील लाइफ में दिखा रहे थे । फिल्म में जया अमिताभ की पत्नी हैं और रेखा उनकी गर्लफ्रेंड। असल जिंदगी में भी यहीं कहानी चल रही है । फिल्म की शूटिंग के दौरान कुछ भी हो सकता था क्योंकि फिल्म में यही तीनों साथ काम कर रहे थे ।
लेकिन बेहिसाब पब्लिसिटी और बोल्ड थीम होने के बावजूद फिल्म सिलसिला, बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई ।  और साथ में कई यादगार फिल्में देने वाले अमिताभ और रेखा की जोड़ी की आखिरी फिल्म साबित हुई।
कहते हैं इसके बाद अमिताभ बच्चन और रेखा असली जिंदगी में भी अलग हो गए । प्यार का सिलसिला थम गया । लेकिन दिल में मोहब्ब्त का जज़्बा अभी भी बाक़ी था हुज़ूर । 1983 में फिल्म कुली की शूटिंग के दौरान हुए हादसे के बाद जब अमिताभ जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे थे । तो रेखा खुद को रोक नहीं पाईं और बच्चन साहब की एक झलक देखने के लिए पहुंच गईं हॉस्पिटल ।
कुली की शूटिंग के दौरान हुए हादसे के बाद। खबर छपी कि रेखा भी अमिताभ का हालचाल जानने अस्पताल पहुंची थीं लेकिन उन्हे अमिताभ से मिलने नहीं दिया गया । रेखा को इस घटना से बेहद धक्का लगा । एक मैगज़ीन को दिए बयान में उन्होने कहा -सोचिए मैं उस शख्स को ये नहीं बता पाई कि मैं कैसा महसूस कर रही हूं । मैं ये महसूस नहीं कर पाई कि उस शख्स पर क्या बीत रही है । मुझे मौत मंजूर थी पर बेबसी का ये एहसास नहीं । मौत भी इतनी बुरी नहीं होती होगी ।
इस बयान से साफ था कि अलग होने के बावजूद रेखा के दिल में अमिताभ के लिए प्यार कम नहीं हुआ था । वहीं अमिताभ ने इसके बाद भी। इस रिश्ते की बात से हमेशा नकारा । उनके मुताबिक तो रेखा बस उनकी को-स्टार थीं, इससे ज्यादा कुछ नहीं ।
अमिताभ के इस इंकार से शायद रेखा को कोई हैरानी नहीं हुई होगी क्योंकि कई साल पहले 1984 में फिल्मफेयर मैगज़ीन को दिए इंटर्व्यू में रेखा ने साफ-साफ कहा था -उन्हे ऐसा क्यों नहीं करना चाहिए था ? उन्होने अपनी छवि, अपने परिवार और अपने बच्चों को बचाने के लिए ऐसा किया । मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं । मुझे लगता है ये सही था । लोगों को ये बात जानने की क्या जरूरत है कि मैं उन्हे प्यार करती हूं या वो मुझे प्यार करते हैं? अगर उन्होंने अकेले में ऐसा कहा होता कि वो मुझे प्यार नहीं करते तो मुझे जरूर दुख हुआ होता । मैं जानती हूं लोग कह रहे हैं कि बेचारी रेखा उसके पीछे पागल है । हो सकता है मैं उनकी दया के लायक ही हूं । फिर मिस्टर बच्चन को कोई दस अफेयर तो हैं नहीं । वो पुराने ख्यालात के हैं। वो अपनी पत्नी को दुख क्यों पहुंचाएंगे ।
मोहब्बत में नहीं है फर्क जीने और मरने का। उसी को देख कर जीते हैं, जिस काफिर पे दम निकले ।  रेखा का बयान तो यही बताता है कि वो हर हाल में बच्चन साब को चाहती थीं। बच्चन साहब की मजबूरी उन्हे तो रोक सकती थी लेकिन रेखा को नहीं । दोनों का नाम जुड़ता रहा लेकिन 1990 में रेखा ने एक फैसला किया। अपनी शादी का फैसला ।
 1990 में रेखा ने उद्योगपति मुकेश अग्रवाल से शादी कर ली । लेकिन शादी के एक साल बाद ही रेखा की जिंदगी में फिर तूफान आया…उनके पति मुकेश ने आत्महत्या कर ली । अपने पति मुकेश अग्रवाल की मौत के कई साल बाद, साल 2008 में रेखा एक बार फिर एक समारोह में सिंदूर लगाकर पहुंच गईं । उस समारोह में अमिताभ भी आए हुए थे । और इसके बाद इन दोनों के रिश्तों को लेकर फिर सवाल उठने लगे ।
वहीं अमिताभ से अलग होने के तकरीबन बीस साल बाद दिए एक इंटर्व्यू में रेखा ने अमिताभ और अपने रिश्ते को एक नए तरीके से बयान करके सबको हैरत में डाल दिया । रेखा ने कहा कि जब हर किसी पर अमिताभ का जादू चढ़ा हुआ था तो वो इससे कैसे बच सकती थीं । वो अमिताभ से प्यार जरूर करती थी लेकिन उनके बीच कभी कोई रिश्ता नहीं रहा ।
चलिए मान लिया रेखा जी कि कोई रिश्ता नहीं रहा। लेकिन फिर साल 2009 के उस अवॉर्ड्स फंक्शन में रेखा जी को सामने देखकर बच्चन साहब वहां से खिसक क्यों गए । जब कभी कोई रिश्ता था ही नहीं तो नजरें मिलाने से क्यों शरमा रहे थे बच्चन साहब ।
इस बात पर अमिताभ कुछ नहीं बोले और जया भी चुप्पी साधे रहीं । लेकिन साल 2008 में People मैगजीन को दिए एक इंटरव्यू में जया बच्चन ने कहा –अगर ऐसा कुछ होता तो आज अमिताभ कहीं और होते ना ? लोग उन्हे फिल्मी पर्दे पर एक साथ देखना पसंद करते थे और समें कोई दिक्कत नहीं है। मीडिया ने उनका नाम उनकी हर हीरोइन के साथ जोड़ा । मैंने इन बातों को गंभीरता से लिया होता तो मेरी जिंदगी नर्क बन जाती । हम काफी मजबूत लोग हैं ।
कितना भी रोको…दिल की बात जुबां पर आ ही जाती है। कहने को तो आज अमिताभ और रेखा दोनों अपनी अपनी जिंदगी में मसरूफ हैं । लेकिन अजीब है ना इनकी कहानी?  कोई कहता है ये लव स्टोरी वाकई गहरी थी, तो कोई कहता है ये कभी थी ही नहीं । लेकिन इनके फैन्स ये सवाल जरूर करते हैं कि इतनी मोहब्बत के बावजूद ये दोनों मिल क्यों ना सके । हम तो बस इतना ही कहेंगे- मोहब्बत में नहीं हैं शर्त मिलने या बिछड़ने की…।ये इन कमज़र्फ लफ्जों से बहुत आगे की दुनिया है ।
 

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