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कपड़े से मुंह बंद कर दबाई गई थीं महिला जज की चीखें

the-night-before-his-death-the-woman-judge-had-a-long-conversation-with-a-friendकानपुर देहात न्यायालय में तैनात महिला जज प्रतिभा गौतम की हत्या के राज से पूरी तरह पर्दा अभी भले न उठा हो लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने कई राज जरूर खोल दिए हैं।

आलोक शर्मा कानपुर। देहात न्यायालय में तैनात महिला जज प्रतिभा गौतम की बीती 9 अक्टूबर को हुई हत्या के राज से पूरी तरह पर्दा अभी भले न उठ पाया हो लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने कई राज जरूर खोल दिए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ ऐसे तथ्य हैं जो महिला जज के पति मनु की कई बातों को गलत साबित कर देंगी। हालांकि इसकी विस्तृत व्याख्या तो कोर्ट और वकील तय करेंगे, फिलहाल ‘दैनिक जागरण जीएसवीएम मेडिकल कालेज के फोरेंसिक विशेषज्ञों और अधिवक्ताओं की राय के आधार कई तथ्यों का खुलासा कर रहा है।

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कैंट थानाक्षेत्र की सर्किट हाउस कालोनी में महिला जज की हत्या के दौरान चीखें दबाने के लिए हत्यारों ने कपड़ा डालकर उनका मुंह दबा दिया था। मेडिकल कालेज के फोरेंसिक विशेषज्ञों का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रतिभा के निचले होठ के नीचे दांत का एक टूटा हिस्सा पाया गया। यहां एक सेमी. का कटे का घाव (लसरेटेड वुंड) भी है। निचले होंठ पर दो सेमी. का कटा घाव है और ठुड्डी के नीचे भीतर की ओर तीन सेमी. का कटा घाव है। इससे साफ है कि हत्या करने वाले ने हत्या के दौरान पूरी तरह मुंह दबाकर रखा था।

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जमीन पर की गई थी प्रतिभा की हत्या
महिला जज के पति मनु ने पुलिस को बताया था कि प्रतिभा का शव फंदे से लटका था। शव को उसने उतारा। विशेषज्ञ कहते हैं कि शव लटकी हुई अवस्था में होता तो शरीर का खून हाथों और पैरों में नीचे की ओर आकर इकट्ठा हो जाता। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ‘स्टेनिंग प्रजेंट ऑन होल बैक का जिक्र है। इसका मतलब है कि शरीर का फ्लूड और ब्लड शरीर के पीछे के हिस्से में बराबर से जमा मिला। चार घंटे बाद यह स्थायी हो जाता है, फिर इसमे इसके स्थान परिर्वतन की संभावना खत्म हो जाती है जिससे साफ है कि हत्या जमीन पर लेटी हुई अवस्था में की गई है और शव चार घंटे तक उसी हालत में पड़ा रहा।

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कम से कम तीन लोग थे शामिल
पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखने के बाद फोरेंसिक एक्सपर्ट और अधिवक्ताओं का मानना है कि हत्या में कम से कम तीन लोग शामिल थे क्योंकि प्रतिभा के सीधे पैर में 9 गुणा 11 सेमी के दो कंट्यूजन (गंभीर रगड़) के निशान हैं जबकि उल्टे पैर में 3 गुणा 2 सेमी का कंट्यूजन है। सीधे हाथ की कलाई में 6 गुणा 3 सेमी के दो आस पास इनसाइड वुंड (भीतर की ओर कटे हुए घाव) हैं और इसी हाथ की हथेली के ठीक पीछे 6 गुणा 11 सेमी का कंट्यूजन है जिससे अंदाजा लगा सकते हैं कि हत्या के वक्त हाथ और पैर भी पकड़े गए थे क्योंकि हत्यारा एक होता तो जाहिर है कि प्रतिभा के हाथ, पांव स्वतंत्र होते। इस अवस्था में गला कसने पर वह अपने हाथों से गले में कसी रस्सी से मुक्त होने का प्रयास करतीं जिससे रस्सी के निशान उनकी हथेलियों और अंगुलियों पर भी आते जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी दोनो हथेलियों और अंगुलियों पर कोई चोट या निशान नहीं हैं।

हाथ की नस कटने से नहीं हुई मौत
प्रतिभा के उल्टे हाथ की कलाई के ऊपर धारदार हथियार से किए गए आठ कट मार्क हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसमें सभी ट्रायल वुंड (सामान्य घाव) हैं। मौत के लिए डीप वुंड (गहरा घाव) होना चाहिए इसलिए इनसे मौत होने की संभावना नहीं लगती।

रस्सी से कसा गया है गला
प्रतिभा के गले के चारों ओर 35 गुणा 1.5 सेमी. का लिगेचर मार्क (गहरा निशान) है, जो बताता है कि उनका गला किसी रस्सी से कसा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण भी यही बताया गया है। तार से गला कसने पर इनसाइड इंजरी भी होती जो पोस्टमार्टम में नहीं है।

हत्या में इन्हें बनाया हथियार
हत्या में हार्ड ब्लंट आब्जेक्ट (ठोस भोथरा हथियार), शार्प कटिंग वेपन (धारदार हथियार) और रस्सी का को हथियार बनाकर इस्तेमाल किया गया है। जिसका जिक्र पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी है।

 

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