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पॉलिसी मेच्योर कराने के नाम पर लाखों की ठगी, देखिए कहीं आपके साथ न हो जाए

पॉलिसी मेच्योर कराने के नाम पर लाखों की ठगी का मामला सामने आया है। इसमें बैंक मैनेजर भी शामिल रहा, देखिए कहीं आपके साथ न ऐसा हो जाए। पॉलिसी जल्द मेच्योर कराने के नाम पर बिजली विभाग से रिटायर्ड व्यक्ति से 4.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में यूटी पुलिस की साइबर सेल ने नोएडा से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान नोएडा सेक्टर-82 निवासी राजवीर सिंह (25 वर्ष) और सेक्टर-49 निवासी प्रवीण कुमार (28 वर्ष) के तौर पर हुई है।

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पॉलिसी मेच्योर कराने के नाम पर लाखों की ठगी, देखिए कहीं आपके साथ न हो जाएसोमवार को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लेगी। राजवीर ने अलग-अलग नाम से नोएडा के एसबीआई में फर्जी दस्तावेज के आधार पर बैंक खाते खुलवाए थे और कई बार में कुल 4.5 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए गए थे। सूत्रों के अनुसार राजवीर शहर के कई लोगों से इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है। यूटी पुलिस के लिए इसकी गिरफ्तारी से कई मामलों का खुलासा हो सकता है। सेक्टर-26 थाने में सेक्टर-28बी निवासी बिजली विभाग से रिटायर्ड ओमप्रकाश ने केस दर्ज कराया था। इसकी जांच साइबर सेल को दी गई थी।

शिकायत के अनुसार ओम प्रकाश ने बिरला सन लाइफ से इंश्योरेंस पॉलिसी ली हुई थी। जल्द ही यह मेच्योर होने वाली थी। एक दिन उन्हें एक कॉल आया और फोन करने वाले ने खुद को कंपनी का अधिकारी बताया। उसने कहा कि उनकी पॉलिसी जल्द ही मेच्योर होने वाली है। अगर वह चाहें तो कुछ पैसे उनके बताए खाते में जमा करवाकर पॉलिसी जल्द मेच्योर करवा सकते हैं। इसके बदले में उन्हें पूरी राशि के अलावा बोनस भी दिया जाएगा।

ओम प्रकाश ने उनकी बातों में आकर उनके बताए नोएडा के एसबीआई के एक बैंक अकाउंट में पैसे जमा करवा दिए। इसके बाद भी उन्होंने कुल 11 बार में कुल 4.5 लाख रुपये जमा करवाए। कभी 25 हजार कभी 50 तो कभी 99 हजार रुपये करके पैसे खाते में जमा करवाए गए।

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हर बार पैसे अलग-अलग खाते में जमा करवाए

वहीं हर बार पैसे अलग-अलग खाते में जमा करवाए गए। कई दिन बाद तक जब उन्हें पॉलिसी के पैसे नहीं आए तो उन्होंने कंपनी के स्थानीय आफिस में जाकर बात की। इस पर उन्हें ठगे जाने का पता चला। इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। साइबर सेल ने मामले की जांच की तो नंबर और बैंक खातों के आधार पर नोएडा निवासी राजवीर सिंह और प्रवीण कुमार को गिरफ्तार किया।

पुलिस दोनों को सोमवार को जिला अदालत में पेश करेगी और उनका रिमांड हासिल करेगी। पुलिस दोनों से अन्य आरोपियों के बारे में भी पूछताछ करेगी। पुलिस में दीपिका फुलारा, मनीष, रंजन, नवीन कुमार, अनिश रावत व अन्य के खिलाफ नामजद शिकायत दी गई है। इन सभी के खातों में पैसे जमा करवाए गए थे।
बैंक मैनेजर की भूमिका संदिग्ध
साइबर सेल सूत्रों के अनुसार मामले में जिस बैंक के अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए गए थे, वह सभी फर्जी दस्तावेज से खोले गए थे। मुख्य आरोपी राजवीर ने नवीन कुमार के नाम से यह खाता खुलवाया था। वहीं अन्य जिन खातों में पैसे जमा करवाए गए थे, वह भी अलग-अलग नाम से हैं।

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शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह फर्जी नाम से खुलवाए गए हैं। इसमें नोएडा के गौतमबुद्घ नगर की एसबीआई शाखा के प्रबंधक की भूमिका भी संदिग्ध लग रही है।

 

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