स्वास्थ्य

ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े 7 सवाल जिनका जवाब जानना है जरूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO ने पूर्वानुमान लगाया है कि साल 2020 तक दुनियाभर में ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में काफी वृद्धि हो जाएगी और हर 8 में से 1 महिला को यह बीमारी होने की आशंका बढ़ जाएगी। ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित करीब 85 प्रतिशत महिलाओं में इसकी फैमिली हिस्ट्री नहीं पायी गयी है। यदि जल्द डाइग्नोस कर लिया जाए तो ब्रेस्ट कैंसर से बचने की संभावना 98 प्रतिशत हो जाती है। स्वस्थ आहार और जीवनशैली में सुधार कर ब्रेस्ट कैंसर की आशंका को 40 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े 7 सवाल जिनका जवाब जानना है जरूरीएक बार जब किसी महिला को यह पता चल जाता है कि उसे ब्रेस्ट कैंसर हो गया है, तो ट्रीटमेंट से पहले उसके दिमाग में कई सवाल आते हैं जिनका जवाब वह सबसे पहले जानना चाहती हैं। डॉक्टर्स का भी यही मानना है कि अगर रोगी और उसके परिजनों को ट्रीटमेंट की पूरी जानकारी पहले से होगी, तो वे कई छोटी-छोटी समस्याओं से बच जाएंगे। इसके लिए जरूरी है कि इलाज शुरू करने से पहले मेडिकल ऑनकॉलजिस्ट, सर्जन और रेडिएशन ऑनकॉलजिस्ट से पूरी जानकारी ले ली जाए। मेदांता अस्पताल में ब्रेस्ट सर्विसेस कैंसर इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर डॉ राजीव अग्रवाल ने ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े 6 सबसे कॉमन सवालों के जवाब दिए… 

ब्रेस्ट कैंसर के दुष्प्रभावों से बचने के लिए ये खाएं 

1. ब्रेस्ट कैंसर की मेरी कौन सी स्टेज है? 

एक बार जब कैंसर डायग्नोस हो जाता है, तो उसके बाद कैंसर की सही स्टेज पता करने के लिए कई तरह के टेस्ट करने पड़ते हैं। इन टेस्ट के बाद ही आपको कैंसर की सही सिचुएशन पता चल पाएगी। 

2. ट्रीटमेंट में ब्रेस्ट तो नहीं निकालना होगा? 
कुछ महिलाएं चाहती हैं कि ट्रीटमेंट के दौरान उनका ब्रेस्ट न निकाला जाए, जबकि वहीं कुछ चाहती हैं कि उसको पूरी तरह रिमूव कर दिया जाए। लेकिन ब्रेस्ट रखना या निकालना डिपेंड करता है कैंसर की स्टेज पर। उसके बाद डॉक्टर की सलाह से आप इस पर कोई डिसीजन ले सकती हैं। 

3. क्या मैं ट्रीटमेंट के बाद कंसीव कर पाऊंगी? 
अगर ब्रेस्ट कैंसर यंग ऐज में हो जाए, तो किसी भी महिला के लिए यह सवाल मायने रखता है। कई महिलाएं इस ट्रीटमेंट को लेने के बाद भी कंसीव कर लेती हैं और यह संभव हो पाता है उनकी अपनी स्ट्रेंथ और ट्रीटमेंट की सिचुएशन पर। लेकिन कई बार ट्रीटमेंट बेहद टफ होता है, जिसके बाद हो सकता है कि कंसीव करने में दिक्कत आए। यह पूरी तरह आपकी कैंसर की सिचुएशन पर डिपेंड करता है। आपका डॉक्टर आपको इसकी पूरी जानकारी देगा। 

4. हॉस्पिटल में कितने दिन रुकना पड़ेगा? 
यह डिपेंड करता है कि पेशेंट के अंदर विल पावर और डिटरमेशन कितनी है। उसको कौन सा ट्रीटमेंट दिया जाना है और उसकी बॉडी उस ट्रीटमेंट को कितना ले पा रही है। इन सारी बातों पर ही निर्भर करता है कि पेशंट को हॉस्पिटल में कितने दिन रुकना पड़ सकता है। 

5. ट्रीटमेंट के बाद क्या वापस काम पर लौटा जा सकता है? 
बहुत सारे ब्रेस्ट कैंसर के मरीज ट्रीटमेंट के बाद जल्द ही अपने काम पर लौट आते हैं। कई पेशेंट ऐसे होते हैं, जो फिजिकली और इमोशनली फिट होने के बाद ही काम पर लौटते हैं। यह काफी हद तक इस बात पर डिपेंड करता है डॉक्टर आपको रिकवरी करने के लिए कितना समय देते हैं। 

6. ट्रीटमेंट के साइड इफेक्ट्स क्या हैं? 
कैंसर के ट्रीटमेंट की कोई फिक्स प्रोसेस नहीं है। इसकी प्रोसेस हर आदमी पर अलग तरह से होती है। एक बार ट्रीटमेंट का तरीका फाइनल हो जाए, तो तब ही आप इसके साइड इफेक्ट्स के बारे में जान पाएंगे। 

7. मेरी कंप्लीट रिकवरी होने के चांस कितने हैं? 
कैंसर के पूरी तरह रिकवरी हो पाएगी या नहीं, यह डिपेंड करता है कि आपका कैंसर किस स्टेज पर डायग्नोस हुआ। वैसे, देखने में आया है कि कैंसर की आईवी स्टेज को पूरी क्योर करना मुश्किल है। 

 
 

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