ज्यादा प्यार दिखाने से बिगड़ न जाए आपका डॉगी

इसमें कोई शक नहीं कि हमें अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों को प्यार करना, लाड़ दिखाना, पैंपर करना अच्छा लगता है, लेकिन कैसा लगेगा अगर आपसे कहा जाए कि ऐसा आपके डॉग के साथ करना गलत है। हॉन्ग कॉन्ग कैनल क्लब के डॉग ट्रेनर वरुण आनंद का कहना है कि ज्यादा प्यार दिखाने से हमारे पेट्स के लिए कई तरह की दिक्कतें खड़ी हो जाती हैं।
अक्सर पेट ओनर्स अपने पेट्स को बच्चों की तरह ट्रीट करते हैं, उनका जरूरत से ज्यादा ख्याल रखते हैं लेकिन ये ओवरपैरंटिंग पेट्स के लिए ही परेशानी पैदा कर सकती है। वरुण कहते हैं, ‘पेट को बहुत सारा प्यार देना या खिलौने खरीदना उनके लिए बिना किसी कारण के रिवॉर्ड देने जैसा है। इससे उनके व्यवहार में नेगेटिविटी दिखने लगती है। वह किसी भी तरह की ट्रीट और अपने ओनर को इज्जत देना बंद कर देते हैं।’ पेट पैरंट के तौर पर इन डॉग्स को ट्रेनिंग देना मुश्किल हो जाता है। ये ट्रेनर की सीख पर ध्यान नहीं देते। इंसानों से अलग हैं डॉग्स
स्कूपी स्क्रब के जाने-माने डॉग ग्रूमर संजीव कहते हैं कि डॉग्स हम आदमियों से अलग हैं। इन्हें नियमित तौर पर नहलाना इनके फर के लिए अच्छा नहीं होता। कुछ लोग तो अपने कुत्तों के पैर वॉक से आने के बाद हर बार धोते हैं, लेकिन इससे उनके पैर नाजुक हो जाते हैं। ऐसा बार-बार करना जरूरी नहीं है।
बन जाते हैं गुस्सैल
जिन डॉग्स को ज्यादा पैंपर किया जाता है, वह आक्रामक या गुस्से वाले हो जाते हैं। उनकी उम्मीद होती है सभी उनके साथ वैसा ही व्यवहार करें। जेफरी पेट रिसॉर्ट की ओनर अचल गुप्ता कहती हैं, ‘अगर आपने अपने पेट को ऐसी आदत नहीं डाली कि वह आपके बिना रह सके, तो उसे अकेलापन महसूस होता है। ऐसे में उनसे बच्चों की तरह बात करने पर भी कोई रिस्पॉन्स नहीं मिलता। ऐसे में अगर डॉग को बोर्डिंग में जाना पड़े, तो उसके लिए वहां अजस्ट करना बहुत मुश्किल हो जाता है।’ ऐसे डॉग अपने ओनर की गैर मौजूदगी में खाना-पीना छोड़ देते हैं। यहां तक कि उनके बिना सोते भी नहीं है।