अपनी बेटी के डर से आधी रात को चोरो की तरह दूसरी पत्नी से मिलने जाते थे भय्यूजी महाराज

भय्यूजी महाराज की सास रानी शर्मा ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि भय्यूजी कुहू और आयुषी के बीच जारी तू-तू मैं-मैं से तनाव के शिकार हो गए थे। उन्हें हर समय ये डर सताता रहता था कि बेटी और पत्नी में कहीं मारपीट ना हो जाए। रानी के मुताबिक कुहू के डर से भय्यूजी अपनी पत्नी से चोरों की तरह मिलते थे।
रानी के बताया कि आयुषी को पांच महीने का गर्भ था। इस दौरान कुहू इंदौर आई थी। उसने कार से नीचे उतरने से ये कहते हुए इंकार कर दिया था कि वह इस घर में तभी घुसेगी जब आयुषी घर से बाहर निकलेगी। रानी का आरोप है कि कुहू ने आयुषी के पेट में लात मारते हुए बुरा-भला भी कहा। दूसरे दिन जब भय्यूजी को इस घटना के बारे में बताया गया तो उन्होंने आयुषी को फुसलाकर मायके (रानी के घर) भेज दिया। डॉ. आयुषी अपने पति भय्यूजी महाराज को फोन कर मिलने के लिए बुलाती थी। बेटी के डर से भय्यूजी महाराज आधी रात 12 बजे के बाद दबे पांव घर से निकलते और चोरों की तरह मिलने आते। वे कुहू के जागने से पहले सुबह 6 बजे उठकर निकल जाते थे। उन्होंने बेटी और पत्नी का विवाद सुलझाने की बहुत कोशिशें भी की, लेकिन कुहू खुदकुशी की धमकी देती थी।
महाराज रविवार रात रानी शर्मा के घर खाना खाने गए थे। कुछ देर बातचीत के बाद कुहू का फोन आया। पिता और बेटी के बीच सामान्य बातचीत हुई। तभी एक और कॉल आया तो भय्यूजी महाराज के चेहरे का रंग फीका पड़ गया था। वे फोन लेकर बाथरूम में चले गए। इस तरह तीन बार उन्होंने बात की। सोमवार सुबह वे पुणे जाने के लिए रवाना हुए। रास्ते में भी उनके पास इसी तरह के सात कॉल आए और वे तनाव में सेंधवा से वापस इंदौर लौट आए।
भय्यू महाराज की बेटी कुहू का स्थानीय मीडिया में आया कथित बयान सुर्खियों में है। उसका कहना है कि वह डॉ. आयुषी को अपनी मां नहीं मानती। इन्हीं के कारण पिता ने यह कदम उठाया। इन्हें जेल में बंद कर दो। यह कथन कितना सच और झूठ है, यह पुलिस जांच में पता चलेगा। बहरहाल, पुलिस सारे पहलुओं की जांच करने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचेगी।



