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नेक नीयत हो तो उद्योगपतियों के साथ खड़े होने में दाग नहीं लगता : मोदी


लखनऊ : मोदी ने यूपी के लिए 60 हजार करोड़ की विकास व निवेश परियोजनाओं की नींव रखते हुए कहा कि नीयत साफ हो तो बड़े से बड़ा विकास हो सकता है। देश की तरक्की में उद्योगपतियों के योगदान की सराहना करते हुए मोदी ने कहा कि उनको चोर-लुटेरा कहना या अपमानित करना पूरी तरह गलत है। अगर इरादे नेक और ईमानदार हों तो किसी के साथ खड़े होने से कोई दाग नहीं लगता। राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आज हुए 81 निवेश परियोजनाओं के शिलान्यास समारोह (ग्राउंड ब्रेकिंग सेरमनी) में कही। भारी निवेश से उत्साहित प्रधानमंत्री ने कहा कि यह ग्राउंड ब्रेकिंग सेरमनी नहीं रिकार्ड ब्रेकिंग सेरमनी बन गई है। पांच महीने में इतना निवेश, सचमुच अकल्पनीय है और यूपी के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। मोदी ने शनिवार की तरह रविवार को भी कांग्रेस को निशाने पर रखा। कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उद्योगपतियों के साथ का विरोध करने वाले पर्दे के पीछे तो उनसे खूब मुलाकात करते हैं और सामने आकर उनका ही विरोध करते हैं। उद्योगपतियों का साथ जरूरी है, लेकिन जो गलत करेगा उसे या तो देश से भागना पड़ेगा या फिर जेल में जीवन बिताना पड़ेगा। यह सबको मालूम है कौन लोग किसके हवाई जहाज से घूमते रहे। यही इन्हीं उद्योगपतियों को चोर कहते हैं। मोदी यही नहीं रुके। बोले- हम उनमें से नहीं हैं कि उद्योगपति के साथ न खड़े हों, कई लोगों की एक भी फ़ोटो इनके साथ नहीं होगी। मोदी ने महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि उनका जीवन जितना पवित्र था, उनको बिड़ला के परिवार में जाकर रहने में कभी संकोच नहीं हुआ क्योंकि उनकी नीयत साफ थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह एक महीने में यह छठा दौरा था। वह शनिवार को लखनऊ आए और चले गए। रविवार को फिर आए। मोदी ने इसे यूपी से अपने रिश्ते से जोड़ते हुए कहा कि मैं यहां से सांसद और यूपी का ही हूं, इसलिए एक बार आऊं, दो बार या पांच बार फर्क नहीं पड़ता। मैं यहां आता नहीं हूं, मैं यहीं का हूं। मैंने यूपी की 22 करोड़ जनता को वचन दिया था कि उनके प्यार को ब्याज़ समेत लौटाऊंगा। यहां जो परियोजनाएं शुरु हो रही हैं वो उसी वचनबद्धता का हिस्सा हैं। इससे पहले मोदी ने शनिवार को अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया। रविवार को वह उनकी चर्चा करना नहीं भूले। उन्होंने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी कहते रहे हैं कि वो ऐसा भारत देखना चाहते हैं जो समृद्ध हो, सक्षम हो और संवेदनशील हो। जहां गांव और शहरों के बीच खाई न हो, जहां केंद्र और राज्य में, श्रम और पूंजी में, प्रशासन और नागरिक में फर्क न हो। नरेंद्र मोदी ने कहा संतुलित विकास उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी जरूरत है और जनता के लिए ये खुशी की बात है कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की सर्वांगिम विकास की नींव रखी है। निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री योगी, उनके मंत्री व अधिकारी बधाई के पात्र हैं।सीएम के नेतृत्व में सरकार ने निवेशकों से संवाद बनाए रखा और निवेश लाने के लिए माहौल तैयार किया। ऑनलाइन एमओयू ट्रैकर हो या क्लीयरेंस के लिए निवेश मित्र जैसा डिजिटल प्लेटफॉर्म, यह यूपी में बिजनेस के लिए बने अनुकूल वातावरण को दर्शाता है।
तेज गति से दौड़ना है
मोदी ने कहा कि प्रगति की दौड़ में अभी ये शुरुआत है, अभी मुझे बहुत तेज़ गति से दौड़ना है। वह एक ऐसी व्यवस्था खड़ी करना चाहते हैं जहां किसी प्रकार के भेदभाव की गुंजाइश न हो, प्रक्रियाओं में रफ्तार भी दिखे और संवेदनशीलता भी, न अपना, न पराया, न छोटा, न बड़ा, सबके साथ समान व्यवहार, यानि कुल मिलाकर सबका साथ, सबका विकास। अगर हिन्दुस्तान को बनाने में एक किसान, एक कारीगर, एक बैंकर फाइनेंसर, सरकारी मुलाजिम, मजदूर की मेहनत काम करती है तो इसमें देश के उद्योगपतियों की भी भूमिका होती है… हम उनको अपमानित करेंगे, चोर लुटेरा कहेंगे… ये कौन सा तरीका है। पहले यह नहीं होता था क्योंकि परदे के पीछे बहुत कुछ होता था। देश में कोई भी ऐसा उद्योगपति नहीं होगा जो पहले की सरकार के सामने जाकर दंडवत ना होता हो। सामने बैठे अमर सिंह को देखते हुए कहा कि अमर सिंह यहां बैठे हुए हैं। वह सारी हिस्ट्री निकाल देंगे। पिछली सरकारों के पास इच्छाशक्ति नहीं थी और उनके इरादे स्पष्ट नहीं थे। देश अभी जिन समस्याओं का सामना कर रहा है, वह पिछले 70 वर्षों के शासन का परिणाम है। जो लोग मोदी की आलोचना के लिए चीज़ें ढूंढ रहे हैं वो लिखकर रख लें जो भी चीज़ें मिलेगी वह पिछले सत्तर साल की सरकारों के कार्यकाल में मिलेंगी। चार साल में नहीं। मुझे चार साल मिले हैं तो दूसरों को सत्तर साल मिले थे। पीएम ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना बहुत संकोच से कह रहे थे कि 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। अरे, इतने कम समय में प्रक्रिया को सरल कर इतना बड़ा निवेश बड़ी बात है। मैं भी बहुत लंबे अरसे तक मुख्यमंत्री रहा हूं मुझे पता है। कैसी-कैसी मुश्किलें निवेश लाने में आती हैं। यह निवेश कम नहीं है। मोदी ने कहा कि देश या तो प्रधानमंत्री चला पता है, या पटवारी चलाता है, सीएम से लेकर पटवारी तक के सहयोग से 60 हज़ार करोड़ की योजनाओं का काम हो पाया है।

नरेंद्र मोदी ने कहा कि परियोजनाएं यूपी में आर्थिक और औद्योगिक असंतुलन को दूर करने में भी सहायक होंगी। यह योजनाएं डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया को नया आयाम देने की दिशा में बहुत बड़े कदम साबित होंगे। यूपी में इंटरनेट सर्विस पहुंचाने के लिए फाइबर बिछाना हो या फिर आईटी सेंटर स्थापित करना डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर यूपी के विकास को नई गति, नई दिशा देने वाला है।मोबाइल उत्पादन के मामले में भारत विश्व में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। यूपी में ही 50 से अधिक मोबाइल फोन बनाने वाली फैक्ट्रियां काम कर रही हैं। दुनिया की सबसे बड़ी मैन्यूफेक्चरिंग यूनिट की भी शुरुआत यहां हो चुकी है। बिजली के क्षेत्र में जो भी सुधार किए गए हैं, उनसे देश और देश के सामान्य जन के हज़ारों करोड़ रुपयों की बचत हुई है। उदय योजना ने डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों को नई लाइफलाइन दी है। उजाला के एलईडी बल्ब लगाए गए उससे 3 वर्षों के दौरान बिजली के बिल में करीब ५० हजार करोड़ की बचत हुई है।

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