विश्व स्तनपान सप्ताह : 70 फीसदी महिलाओं को स्तनपान कराने में होती है दिक्कत
नई दिल्ली : विश्व स्तनपान सप्ताह 1 से 7 अगस्त तक मनाया जाता है। आज वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक का अंतिम दिन है। मॉम्सप्रेसो और मेडेला की तरफ से ब्रेस्टफीडिंग को लेकर एक रिसर्च की गई। रिसर्च में 70 प्रतिशत महिलाओं के लिए ब्रेस्टफीडिंग कराना काफी चुनौतीपूर्ण रहा। रिसर्च में 510 महिलाओं को शामिल किया गया। रिसर्च के दौरान इन महिलाओं से ब्रेस्टफीडिंग (स्तनपान) कराने के समय आने वाली तमाम चुनौतियों के बारे बात की गई। साथ ही उन्हें कई सारी जरूरी सलाह भी दी गई। इस रिसर्च का नाम ‘भारतीय माताओं के लिए स्तनपान चुनौतियां’ रखा गया था। इस दौरान 70 प्रतिशत महिलाओं ने बताया कि उन्हें अपने शिशु को स्तनपान कराना काफी चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।
ब्रेस्टफीडिंग कराने में होने वाली दिक्कतें
– मां की खराब सेहत
– मां का वर्किंग होना
– बाहरी दूध पर निर्भर होना
– अपर्याप्त दूध होना
– सही मार्गदर्शन न होना
ब्रेस्ट फीडिंग का मां और बच्चे से कनेक्शन
– बच्चों के लिए स्तनपान के कारण स्वास्थ्य लाभ (98.6%)
– माता और शिशु के बीच नजदीकी संबंध (73.4%)
– स्तनपान कराने वाली मां के स्वास्थ्य लाभ (57.5%)
– स्तनपान के कारण वजन कम होना (39.7%)
एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक ब्रेस्टफीडिंग से जुड़े नतीजे
– 42%- नवजात शिशु जन्म के 1 घंटे के अंदर दूध पीते हैं
– 55%- नवजात शिशु सिर्फ 6 महीने तक पीते हैं मां का दूध
– जन्म के पहले घंटे में ब्रेस्टफीडिंग के आंकड़े
– उत्तर प्रदेश- 25.4
– राजस्थान- 28.4
– उत्तराखंड- 28.8
– पंजाब- 29.9
– दिल्ली- 29.9