इतिहास दोहरा रहा है अपने आप को, धोनी का वर्ल्ड कप 2019 खेलना भी मुश्किल…

जैसा की आप सभी अवगत ही होगें कि भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी का करियर काफी अच्छा रहा है। इन्होंने कई महानतम रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किये है इसमें कोई दो राय नही है, पर आपको बता दें कि महेन्द्र सिंह धोनी अब उम्र के उस पड़ाव पर है जहां से इंडियन टीम के कई महान खिलाड़ी गुजर चुके है। उस समय धोनी ही थे जिन्होने उम्र का हवाला देकर उन्हें टीम से बाहर करवा दिया था। वहीं अब धोनी भी उसी पड़ाव पर पंहुच चुके है।
आपकी जानकारी के लिये बता दें कि महेन्द्र सिंह धोनी अब 37 वर्ष के हो चुके, इस उम्र का पड़ाव पार करने के पश्चात पिछले कई मैचों में इनका खेल प्रदर्शन काफी खराब रहा है। आपको बता दें कि मौजूदा समय में हो रहे भारत दौरे में भी धोनी कुछ खास प्रदर्शन नही कर सके।सीनियर होने के नाते कोई फेस टू फेस भले कोई न कहे पर वो अब टीम में फिट नही है।ऐसे में लग रहा है इतिहास ने एक बार फिर अपने आप को दोहराते हुये पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी को टी20 में खेलने का अवसर नही दिया गया। आपको जानकर हैरानी होगी कि धोनी ने भारत के इन महान बल्लेबाजो का कैरियर खत्म करवाया था, जो कुछ इस प्रकार से है…
पहला : सफल कप्तान और बेखौफ बल्लेबाज सौरव गांगुली भी इस राजनीति का शिकार हुए और उम्र और कमजोर फील्डिंग का हवाला देकर टीम से बाहर कर दिए गए।
दूसरा : लक्ष्मण के साथ तो इतना बुरा हुआ कि उन्हें बिना कोई मैच खिलाये, अचानक ही यह फैसला लेना पड़ा और मीडिया में यह बात फेल गई कि यह भी एक राजनीति का शिकार हुए।
तीसरा : सचिन तेंदुलकर ने जब सन्यास लिया तब लोगो को यह पता चल गया कि यह उनकी इच्छा से नही हुआ है। सचिन पर सन्यास लेने के लिए चयन समिति और टीम मैनेजमेंट ने दबाव बनाया था।
चौथा : राहुल द्रविड़ को यह कहकर लास्ट सीरीज के लिए चयन किया गया कि आपको इस सीरीज के बाद सन्यास की घोषणा करनी होगी जबकि राहुल द्रविड़ एक मात्र खिलाड़ी जिन्होंने लास्ट सीरीज में शतक लगाया उसके बावजूद उन्हें सन्यास लेने पर मजबूर किया गया।
पांचवा : सहवाग और धोनी की आपसी रंजिशों का शिकार सहवाग को टीम से अपनी जगह खोकर भुगतनी पड़ी। धोनी की कपत्नी में सहवाग का कैरियर यह कहकर खत्म कर दिया कि यह खिलाड़ी टीम में फिट नही है।