जीवनशैली
कहीं बढ़ता मोटापा छीन न लें आप से मां बनने की खुशी

शादी के बाद मां बनना जीवन की सबसे बड़ी खुशी है। घर में नए मेहमान का आना माता-पिता दोनों के लिए ही बेहतरीन तोहफा होता है। लेकिन कभी-कभी किसी कारणवश मिसकैरेज यानी कि गर्भपात होने के चलते माता-पिता दोनों ही बेहद दुखी होते हैं। गर्भपात किसी वजह से भी हो सकता है लेकिन इस सदमे के बाद मां के अंदर बस एक ही सवाल होता है है कि आखिर उसके साथ ही क्यों ऐसा हुआ। इसलिए गर्भपात से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है।

प्रेग्नेंसी पर आपके शारीरिक स्वास्थ्य का बहुत ज्यादा असर पड़ता है और खासतौर पर अगर आप मोटापे का शिकार हैं यानी आपका वजन बहुत ज्यादा है तो आपके लिए गर्भपात का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। सीडीसी की रिपोर्ट के मुताबिक इन दिनों बहुत सी महिलाएं प्रेग्नेंसी से पहले ही मोटापे का शिकार होती हैं और फिर प्रेग्नेंसी के दौरान और ज्यादा वजन बढ़ने से प्रेग्नेंसी में कॉम्पिलकेशन्स बढ़ जाते हैं।
आजकल बहुत सी महिलाएं शराब व सिगरेट की आदी हैं। अगर महिलाएं अपनी प्रेग्नेंसी के दौरान भी इस आदत को बरकरार रखती हैं तो इससे गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है। तंबाकू और ऐल्कॉहॉल में मौजूद हानिकारक और जहरीले तत्व गर्भ में पल रहे भ्रूण को नुकसान पहुंचाते हैं।
अगर मां बनने वाली महिला के शरीर में किसी भी तरह की हॉर्मोन से जुड़ी समस्या है तो प्रेग्नेंसी में दिक्कतें हो सकती हैं। खासतौर पर अगर प्रोजेस्टेरॉन हॉर्मोन के सिक्रिशन में कमी हो जाए तो भ्रूण के इम्प्लांट होने में भी मुश्किल आ सकती है जो गर्भपात का एक कारण बन सकता है।
यदि पहले एक से अधिक बार गर्भपात हो चुका है तो गर्भपात की संभावना दुगनी हो जाती है। इसके अलावा मधुमेह, किडनी रोग या थायराइड रोग भी गर्भपात के कारण बन सकते हैं। इसके अलावा मां की आयु का गर्भपात से गहरा संबंध है। 30 के बाद गर्भपात की दर बढ़ जाती है।