2013 के बाद उच्चतम स्तर पर सर्विसेज PMI, बढ़ेंगे रोजगार के मौके

नई दिल्ली: भारत में सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में फरवरी महीने में तेजी आई है। भारत में फरवरी महीने की सर्विसेज पीएमआई (Services PMI) में इजाफा हुआ है। यह पिछले महीने के 55.5 के स्तर से बढ़कर 57.5 के स्तर पर आ गई है। वहीं कंपोजिट पीएमआई 56.3 के स्तर से बढ़कर 57.6 पर आ गई है। इस तरह सर्विस पीएमआई जनवरी 2013 के बाद के उच्चतम स्तर पर आ गई है। सर्विस पीएमआई में बढ़ोत्तरी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक अच्छा संकेत हैं। पीएमआई में 50 से अधिक का स्तर ग्रोथ को प्रदर्शित करता है।
भारत के महत्वपूर्ण सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में इतनी तेजी सात साल बाद देखने को मिली है। सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में यह तेजी विदेशी मांग में सुधार और मजबूत कारोबारी विश्वास के चलते देखने को मिली है।
आइएचएस मार्किट (IHS Markit) की प्रिंसिपल इकोनॉमिस्ट Pollyanna De Lima ने कहा, ‘कारोबारी गतिविधियों में इस ग्रोथ के पीछे घरेलू और वैश्विक बाजारों में सर्विस सेक्टर के लिए स्वस्थ मांग है।’
उन्होंने कहा, ‘मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में नए काम में सकारात्मक वृद्धि बताती है कि प्राइवेट सेक्टर के आउटपुट में मार्च महीने में भी तेजी देखने को मिलेगी। यह मौजूदा वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही की GDP ग्रोथ रेट के लिए भी एक अच्छा संकेत है।’
डे लिमा ने कहा, ‘सर्विस प्रोवाइडर्स कारोबारी गतिविधियों में तेज बढ़त के साथ वर्कफोर्स प्रोडक्टिविटी में भी अच्छे-खासे सुधार को अनुभव कर रहे हैं। इसके बावजूद रोजगार के मौर्चे पर मामूली तेजी आई है।’
वहीं, एक दुसरे सर्वे से सोमवार को सामने आया था कि फरवरी में फैक्ट्री गतिविधियों में गिरावट आई है। डिमांड और आउटपुट के मामूली रूप से कमजोर होने के कारण यह गिरावट दर्ज की गई।



