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पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के कार्य में सरकार की तत्परता से पुन: आई तेजी

राघवेन्द्र प्रताप सिंह

मनरेगा के माध्यम ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को मिल रहा है रोजगार

लखनऊ : कोरोना वायरस के चलते देश में लॉकडाउन 4 मई 2020 से दो सप्ताह के लिये बढ़ा दिया गया है। लेकिन इस बीच राज्य सरकारों ने जरूरी सेवाओं के लिये सशर्त छूट दी है, जिनमें ​निर्माण कार्य भी शामिल है। इसी के तहत पूर्वांचल एक्सप्रेस—वे निर्माण कार्य में पुनः गति आ गई है। लखनऊ से लेकर गाजीपुर तक बनने वाला पूर्वांचल एक्सप्रेस—वे करीब 341 किमी. लम्बा है। वैसे तो 42 फीसदी से अधिक निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। लेकिन अब लॉकडाउन की अवधि में भी सरकार की तत्परता से पूर्वांचल एक्सप्रेस—वे के 8 पैकेजों में निर्माण कार्य पुन: तेजी से शुरू हो गया है।

एक्सप्रेस—वे के निर्माण कार्य में सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्णतया पालन करते हुए सभी मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण आदि कराकर सरकारी आदेशों का पूर्णतया पालन किया जा रहा है। इसके अलावा कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए चल रहे लॉकडाउन के बीच मनरेगा से श्रमिकों को रोजगार देने के साथ ही गांवों के विकास को गतिशील रखने में सरकार को बड़ी मदद मिल रही है। तेजी से मनरेगा श्रमिकों को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। सोमवार को ही राज्य में 14 लाख 73 हजार 595 मनरेगा श्रमिक व्यक्तिगत और सामुदायिक कार्यों में लगे हुए थे।

मनरेगा की यह गति उस समय है जबकि राज्य में कोरोना से अधिक प्रभावित 21 जिलों में काम नहीं के बराबर है। मनरेगा के तहत राज्य के ग्रामीम क्षेत्रों में श्रमिकों को रोजगार देने के साथ ही गांवों के विकास की रफ्तार को आगे बढ़ाने की कार्ययोजना पर योगी सरकार ने लॉकडाउन दो के तहत 20 अप्रैल से ही काम कराने के निर्देश दे दिए थे। गौरतलब है कि 27 अप्रैल तक राज्य में 670787 श्रमिकों को काम पर लगा दिया गया था। इसके बाद एक सप्ताह में यानी चार मई को और आठ लाख से अधिक श्रमिकों को काम दे दिया गया। इस समय मनरेगा योजनाओं में 1473595 श्रमिक काम पर लगे हैं।

राज्य के 64 फीसदी ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत व्यक्तिगत और सामुदायिक कार्य इस समय चल रहे हैं। ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह प्रतिदिन मनरेगा के कामों की रिपोर्ट जिलों से ले रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अगले एक सप्ताह में मनरेगा के तहत और बड़ी तादाद में और श्रमिकों को काम से जोड़ दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन की इस अवधि में मनरेगा के तहत जल संरक्षण खासकर नदियों के पुनरूद्धार, तालाबों की खोदाई, चेक डैम, नहरों की सफाई, पौधरोपण के लिए मिट्टी से संबंधित काम के साथ ही ग्रामीण सड़कों के निर्माण को प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। ये सभी ऐसे कार्य हैं जो 15 जून के बाद बरसात शुरू होने से पहले पूर्ण किये जाने हैं।

मनरेगा के तहत आवास निर्माण व अन्य कार्यों में औसतन तीन श्रमिक और सामुदायिक कार्यों में औसतन 31 श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है। कार्यों के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए खास निर्देश दिये गये हैं।

इस समय राज्य में करीब 60 हजार एकल कार्य और 42 हजार सामुदायिक कार्य शुरू कराए जा चुके हैं। सबसे तेज काम बुंदेलखंड और पूर्वांचल के जिलों में शुरू हुआ है। कोरोना से अधिक प्रभावित जिले आगरा, बागपत, गौतमबुद्धनगर, अमरोहा, बिजनौर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, शामली में मनरेगा के तहत एक भी काम नहीं चल रहे हैं। वहीं सहारनपुर, बस्ती, रामपुर, मेरठ, बदायूं, फिरोजाबाद, लखनऊ, कानपुर नगर और रायबरेली में नाममात्र के काम ही मनरेगा के तहत शुरू हो पाये हैं।

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