उत्तर प्रदेशराज्यलखनऊ

बाढ़ संभावित क्षेत्रों की सीसीटीवी से की जाये निगरानी: महेंद्र सिंह

जल शक्ति मंत्री ने मानसून से पहले बाढ़ से बचाव के लिए सभी तैयारियां पूरी करने के दिए निर्देश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री डा महेन्द्र सिंह ने बाढ़ से पूर्व की जा रही तैयारियों की समीक्षा बैठक के क्रम बाढ़ कार्यों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अपने सरकारी आवास पर समीक्षा की और संवेदनशील जनपदों में सभी आवश्यक इंतजाम किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों को साफ तौर से बता दिया कि बाढ़ से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किये जायं, ताकि बाढ़ की विभीषिका से होने वाली क्षति को कम से कम किया जा सके।

डा महेन्द्र सिंह ने गण्डक संगठन से संबंधित बाढ़ परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए इसके अन्तर्गत आने वाले जनपदों-कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, बलिया, मऊ, आजमगढ़ बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीर नगर बलरामपुर तथा महाराजगंज के संबंधित अधिकारियों से बाढ़ निरोधक कार्यों से संबंधित परियोजनाओं को समय पूरा करने के निर्देश दिये।

जल शक्ति मंत्री ने निर्देश दिये कि सभी परियोजनाओं को 25 जून से पहले पूरा करके 30 जून तक परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी दी जाए। जिन स्थलों पर परियोजना स्वीकृत नहीं है एवं स्थल संवेदनशील हैं उनका अनुरक्षण कार्य समय से करा लिया जाए। इन स्थलों पर सीसीटीवी कैमरा लगाकर लाइव वाचिंग किया जाए। इसके साथ ही नालों की सफाई का कार्य 25 जून तक हरहाल में पूरा करा लिया जाए।

बाढ़ से संबंधित सभी अधिकारी एवं कर्मचारी संचालित योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर तथा वहीं पर विश्राम करें। संवेदनशील स्थानों पर अधिक से अधिक मानव संसाधन एवं मशीने लगाकर कार्य कराया जाए। इन कार्यों का अभिलेखीकरण, फोटोग्राफी आदि करायी जाय। इसके अलावा सभी अधिकारी अपने अधीनस्थ कार्यालयों का समय-समय पर निरीक्षण सुनिश्चित करें।

बैठक में यह भी बताया गया कि सरयू परियोजना प्रथम, द्वितीय, तृतीय संगठन के अन्तर्गत चल रही बाढ़ परियोजनाओं के संबंध में बहराइच, गोण्डा, श्रावस्ती तथा अयोध्या के अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की गई और मंत्री ने परियोजनाओं से संबंधित सभी कार्य मानसून से पूर्व पूरा कराने के निर्देश दिए।

वीडियो कांफ्रेंसिंग में सचिव सिंचाई अपर्णा यू., प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष एके श्रीवास्तव अन्य प्रमुख एवं मुख्य अभियन्तागण तथा संगठनों के अधिकारी मौजूद थे।

Related Articles

Back to top button