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अरुणाचल में संवैधानिक संकट बरकरार, हाईकोर्ट ने एसेंबली सेशन पर लगाई रोक, केंद्र का दखल से इंकार

97762-97745-nabam-tukiनई दिल्ली:अरुणाचल प्रदेश में चल रहे संवैधानिक संकट को देखते हुए गुवाहाटी हाईकोर्ट की अरुणाचल प्रदेश बेंच ने असेंबली के सेशन पर 2 फरवरी तक के लिए रोक लगा दी है। अरूणाचल प्रदेश में कल तब एक और विवाद खड़ा हो गया जब नबाम तुकी नीत कांग्रेस की सरकार में ‘अविश्वास’ प्रदर्शित करने तथा एक बागी कांग्रेसी विधायक को नया मुख्यमंत्री चुनने के लिए विपक्षी भाजपा और कांग्रेस के बागी विधायक एकजुट हो गए।

 सीएम नबाम टुकी ने पीएम और प्रेसिडेंट को चिट्ठी लिखकर मामले में दखल देने की मांग की है। टुकी का कहना है कि उनकी सरकार स्टेबल है और एक चुनी हुई सरकार है। हमारी तरफ से किसी तरह का कोई संकट नहीं है। उन्होंने गवर्नर पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब उन्होंने ने ही किया है। टुकी ने प्रेसिडेंट और पीएम को अरुणाचल के गवर्नर ज्योति प्रसाद राजखोवा के खिलाफ शिकायत भी भेजी है। लेकिन केंद्र ने इस मामले में दखल देने से इंकार कर दिया है।

विधानसभा उपाध्यक्ष टी नोरबू थोंगडोक के पीठासीन रहते भाजपा के 11 विधायकों और दो निर्दलीय विधायकों के अविश्वास प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया। 60 सदस्यीय विधानसभा के कुल 33 सदस्यों (कांग्रेस के बागी 20 सदस्यों सहित) ने बाद में एक अन्य बागी कांग्रेसी विधायक कलिखो पुल को राज्य का नया मुख्यमंत्री चुन लिया।

मुख्यमंत्री नबाम तुकी और उनके 26 समर्थक विधायकों ने कार्यवाही का बहिष्कार किया और इसे ‘अवैध एवं अवंसैधानिक’ करार दिया। आज की ‘कार्यवाही’ का आयोजन एक नये स्थल पर हुआ क्योंकि कल जिस अस्थायी परिसर में विधानसभाध्यक्ष नबाम रेबिया के खिलाफ ‘महाभियोग’ चलाया गया वहां रात में शरारती तत्वों ने तोड़फोड़ की और तुकी का विरोध कर रहे विधायकों को सुरक्षाबलों ने विधानसभा परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया। विधानसभाध्यक्ष के निर्देश के तहत जिला प्रशासन ने कल विधानसभा परिसर को सील कर दिया था।

 

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