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कर्ज में डूबे मध्यप्रदेश में विधायकों को नए साल का तोहफा, दोगुना होगा वेतन

MP-Assembly-New-Viewभोपाल. मध्य प्रदेश दिल्ली के बाद अब मध्यप्रदेश में विधायकों का वेतन दोगुना बढ़ाने की तैयारी है. अभी विधायकों को 71 हजार रुपए मिलते हैं. इसे बढ़ाकर 1.25 लाख करने पर सहमति बन गई है.

प्रदेश में किसानों को मुआवाजा देने की वजह से कर्ज में डूबी सरकार ने विधायकों के लिए अपना खजाना खोलने के लिए पूरी तैयारी कर ली है.

अभी विधायकों का मूल वेतन 10 हजार रुपये है, जो 20 हजार हो जाएगा. निर्वाचन भत्ता भी 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार किया जा रहा है.

आगामी विधानसभा के बजट सत्र में इस संबंध में प्रस्ताव लाया जाएगा. बढ़े हुए वेतन का फायदा 1100 पूर्व विधायकों को भी मिलेगा.

वहीं, एक अप्रैल से विधायकों की निधि भी बढ़ जाएगी. विधायकों को अभी क्षेत्र विकास के लिए हर साल 77 लाख रुपए और 3 लाख रुपए स्वेच्छानुदान के मिलते हैं. अब यह राशि बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपए की जा रही है.

इस प्रस्ताव को आगामी बजट सत्र में लाया जाएगा. उम्मीद है कि नए वित्तीय वर्ष से यानि अप्रैल 2016 से विधायकों को बढ़े हुए वेतन का लाभ मिलेगा.

खाली हो रहा खजाना

सूखे के कारण सरकार के खजाने पर बुरा असर पड़ा है जिसे सीएम शिवराज ने भी खुद स्वीकार कर चुके हैं. केंद्र से मदद न मिलने के कारण किसानों को मुआवजा देने के लिए सरकार खुद ही अपना खजाना खाली कर रही थी.

हालांकि, अब करीब 2300 करोड़ की मदद सरकार को मिली है, लेकिन केंद्र सरकार से 4500 करोड़ का पैकेज मांगा गया था.

ऐसे में शिवराज सरकार को कमाई के नए-नए रास्ते भी खोजने पड़ रहे हैं. इसी के चलते पिछले दिनों पेट्रोल डीजल के दाम भी बढ़ा दिए गए.

कई विकास कार्य रोके

प्रदेश की खस्ताहाल वित्तीय हालत पर वित्त मंत्री जयंत मलैया ने भी अब अपनी सफाई पेश की थी. उन्होंने माना है कि राज्य की माली हालत ठीक नहीं है.

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पिछले तीन सालों से लगातार पड़ रहे सूखे के चलते सरकार के राजस्व आय में भारी कमी आई है.लिहाजा प्रदेश के वित्तीय हालत भी कमजोर होती जा रही है.

इन हालातों के मद्देनजर सरकार ने केवल खास जरुरत के विकास कामों पर ही जोर देने का फैसला किया है. जिसके कारण कई विकास कार्य भी रोक दिए गए हैं.

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