
नई दिल्ली (एजेंसी)। गोधरा कांड के बाद 2००2 में हुए गुजरात दंगों से संबंधित एक मामले में अहमदाबाद की अदालत में दायर अर्जी खारिज होने के एक दिन बाद गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि सामुदायिक हिंसा से वे गहरे आहत हुए थे। मोदी ने शुक्रवार को अपने ब्लॉग में गोधरा कांड के बाद हुए दंगों को ‘पहले से ही ध्वस्त और आहत गुजरात को पंगु बना देने वाला’ करार दिया है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल की दंगा से संबंधित मामले पर क्लोजर रिपोर्ट को जायज ठहराते हुए उसे चुनौती देने वाली अर्जी अहमदाबाद की अदालत में खारिज किए जाने एक दिन बाद मोदी ने कहा है कि वे ‘राष्ट्र से अपनी आंतरिक सोच और अनुभव को साझा करना चाहते हैं।’ उन्होंने कहा है कि 7 अक्टूबर 2००1 को उन्होंने राज्य के 14वें मुख्यमंत्री के रूप में सत्तारूढ हुए थे और 26 जनवरी 2००1 के विनाशकारी भुज भूकंप के बाद ‘पुनर्निर्माण’ की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी। उन्होंने लिखा है ‘‘वर्ष 2००2 की हिंसा ने हमारे ऊपर एक और बोझ डाल दिया।’’ मोदी ने कहा ‘‘एक तरफ भूकंप से पीड़ितों की पीड़ा थी तो दूसरी तरफ दंगा पीड़ितों का दर्द था।’’ मोदी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से अगले वर्ष होने जा रहे आम चुनाव के लिए पीएम इन वेटिंग हैं। उन्होंने गुरुवार के फैसले को सत्य की जीत कहा है।