छात्रों ने बनाया मुफ्त मोबाइल एप जो दिलाएगा कंफर्म रेलवे टिकट

दस्तक टाइम्स एजेंसी/ किसी भी यात्रा के लिए रेलवे टिकट हासिल करना एक टेढ़ी खीर हाेता है। त्योहार आैर छुट्टियों के समय तो वेटिंग लिस्ट महीनों की हो जाती है। एेसे में यात्री को समझ ही नहीं आता कि आखिर गंतव्य तक कैसे पहुंचे।
लेकिन अब अापकी मदद के लिए एक मोबाइल एप बना लिया गया है जो आपको कंफर्म रेलवे टिकट पाने में आपकी मदद करेगा।
‘टिकट जुगाड़’ नाम के इस ऐप का विकास आईआईटी खड़गपुर के दूसरे वर्ष के छात्र रूणाल जाजू और उनके चचेरे भाई शुभम बलदावा ने किया है। बलदावा जमशेदपुर एनआईटी के छात्र हैं। आईआईटी के उद्यमशीलता प्रकोष्ठ ने इस ऐप को समर्थन दिया है और इस स्टार्ट अप को आईआईटी खड़गपुर के वाषिर्क ग्लोबल बिजनेस माडल कंपटीशन में डेढ़ लाख रुपए का इनाम मिला है।
कैसे करता है ‘टिकट का जुगाड़’
अपनी अनूठी प्रोग्रामिंग के चलते यह सीट के लिए वैकल्पिक मार्गों की तलाश करता है। एप के विकास में साझीदार रूणाल जाजू ने बताया कि टिकट बुकिंग के लिए स्टेशन-वार कुछ कोटा हैं।
मिसाल के तौर पर आप स्टेशन A से टिकट बुक कर रहे हैं, यह वेटिंग लिस्ट दिखा सकता है, लेकिन जब किसी पिछले स्टेशन से बुक कराते हैं तो हो सकता है कि आपको टिकट मिल जाए। अगर आप ऐसे स्टेशन को खुद से खोजना चाहें तो यह मुश्किल होगा, लेकिन हमारा ऐप इसे स्वत: कर देता है।
यह ऐप प्रस्थान स्टेशन से पहले या बाद के स्टेशनों के हिसाब से उपलब्ध टिकट खोज देता है और किसी कन्फर्म्ड टिकट से पूरा होने वाले अधिकतम मार्ग की जानकारी देता है। गौरतलब है कि रेल विभाग यात्रियों को बुकिंग स्टेशन के बाद वाले स्टेशनों से रेलगाड़ी पर सवार होने की इजाजत देता है।
मुफ्त होगा डाउनलोड
जाजू ने बताया कि कुछ टिकट एजेंट बिना किसी ऐप की मदद से खुद से इस तरह की गणना कर सकते हैं और वे कन्फर्म्ड टिकट उपलब्ध कराते हैं, लेकिन इसके लिए वे बेतहाशा पैसा वसूलते हैं।
छात्रों का यह ऐप मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है। साथ ही, यह सेवा प्रदान करने के लिए कोई शुल्क नहीं लेता।
जाजू महाराष्ट्र के औरंगाबाद के रहने वाले हैं और औरंगाबाद से खड़गपुर के सफर में टिकट मिलने की कठिनाइयों ने उन्हें यह ऐप विकसित करने की प्रेरणा दी।