झारखण्डराज्य

हंगामे के साथ झारखंड विधानसभा का बजट सत्र शुरू, झारखंड स्टाफ सेलेक्शन परीक्षा पेपर लीक पर बवाल

रांची : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हंगामे के साथ हुई है। झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन की सीजीएल (कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल) परीक्षा के पेपर लीक को लेकर भाजपा के विधायकों ने सदन के अंदर और बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। हंगामे के बीच ही वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने 4981 करोड़ का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया।

शुक्रवार सुबह जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, भाजपा विधायक अमित मंडल ने स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो से मांग की कि वे जेएसएससी पेपर लीक घोटाले पर सरकार से सीबीआई जांच पर जवाब दिलाएं। स्पीकर ने उनसे कहा कि हर मुद्दे पर बात होगी, लेकिन इसके बाद बीजेपी विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। वे सीबीआई जांच की मांग करते हुए वेल में पहुंच गये और नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा इतना बढ़ा कि स्पीकर ने सदन की कार्यवाही के लाइव टेलीकास्ट पर रोक लगा दी।

इस बीच नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने कहा कि छात्र आंदोलन कर रहे हैं, इसी सदन ने कदाचार रोकने के लिए कानून बनाया था। पेपर लीक की जांच के लिए राज्य सरकार अनुशंसा करे। जेएसएससी-सीजीएल 2023 के प्रश्न पत्र लाखों‍ रुपए में बिके हैं। इधर कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि सिर्फ झारखंड के पेपर लीक के मामले की ही नहीं, देश में जहां-जहां प्रश्न पत्र लीक हुए हैं, सभी की जांच होनी चाहिए। अब तक 43 प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में बुलडोजर बाबा के राज्य में उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती की परीक्षा का भी प्रश्न पत्र लीक हुआ था।

इसके पहले, सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा विधायकों ने विधानसभा के द्वार पर तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा की सीबीआई जांच की मांग पर उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद वे कार्यवाही शुरू होने के पहले सदन के बाहर ही धरने पर बैठे रहे।

बता दें कि बीते 28 जनवरी को जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा हुई थी। लेकिन परीक्षा खत्म होने पहले ही यह पता चल गया था कि प्रश्न पत्र लीक हो चुका है। इसके बाद आयोग ने उस परीक्षा को रद्द कर दिया था।

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