
कांग्रेस देशभक्ति और देशद्रोह पर अपना नजरिया स्पष्ट करे:अमित शाह
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के हालिया घटनाक्रम पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बयान को शर्मनाक करार देते हुए शनिवार को कहा कि कांग्रेस को राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रद्रोह के अन्तर के प्रति अपने नजरिए को स्पष्ट करना चाहिए।
शाह ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) के राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि देश आज कठिन परिस्थिति से गुजर रहा है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर देश के टुकड़े करने के नारे लग रहे हैं। कांग्रेस और उसके उपाध्यक्ष राहुल गांधी को ऐसे तत्वों का साथ देने में शर्म आनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कहते हैं कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर इन्हें सुना जाना चाहिए। यदि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है तो फिर देशद्रोह क्या होता है? उन्होंने कटाक्ष किया कि कांग्रेस उपाध्यक्ष को शायद यह पता नहीं है कि युवा देश के लिए बलिदान दे सकता है पर देशद्रोह बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने भाजयुमो कार्यकर्ताओं से गांव गांव गली गली जाकर उन नारों से कांग्रेस की सहमति को उजागर करने का आह्वान किया।
भारत को विश्वगुरू बनाने के लिए BJP को देना होगा 25 साल
उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों से राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रद्रोह में अन्तर पूछना चाहिए और कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह किसके साथ है। अंडमान निकोबार समेत देश के कोने कोने से आए भाजयुमो कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए शाह ने कहा कि भारत को विश्व गुरू बनाना है तो केन्द्र की सत्ता में नरेन्द्र मोदी सरकार कम से कम 25 साल बरकरार रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा की युवा ब्रिगेड मोदी सरकार की दीर्घायु के लिए गांव गांव जाकर केन्द्र की जनहितकारी योजनाओं का प्रचार एवं उनका जनता तक पहुंचना सुनिश्चित करें।
दूसरे दल सत्ता के लिए, तो BJP देश के लिए काम करती है
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जनसंघ के कार्यकाल से लेकर भाजपा के अब तक कार्यकाल तक पार्टी ने जितने आंदोलन किए वे सभी राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत थे। उन्होंने भाजयुमो अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के छह साल के कार्यकाल को अच्छा बताते हुए युवाओं से भाजपा को मजबूत करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
सम्मेलन में कार्यकर्ताओं की भारी उपस्थिति पर गदगद शाह ने कहा कि भाजपा दीनदयाल उपाध्याय की वैचारिक परिकल्पना को साकार करने में लगी हुई है। वर्ष 1950 में मात्र दस कार्यकर्ताओं से शुरू हुई पार्टी में आज 11 करोड़ कार्यकर्ता हैं। यह इसलिए संभव हो सका कि जहां दूसरे दल सत्ता के लिए राजनीति करते हैं वहीं भाजपा विचारधारा की स्थापना एवं देश के विकास के लिए काम करती है।
उन्होंने कहा कि 1950 में किसी ने कभी कल्पना नहीं की थी कि यह पार्टी केन्द्र में बहुमत की सरकार बनाएगी। भाजपा ने हमेशा व्यक्तिगत लाभ को दरकिनार कर देश के विकास की राजनीति की है और यही उसकी सफलता का मूलमंत्र है। जहां जहां भाजपा की सरकारें बनीं वहां जनता ने उसे दोबारा शासन करने का मौका दिया।
दिशाहीन हो गई थी संप्रग सरकार
केन्द्र की दस साल की संप्रग सरकार का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि मनमोहन सरकार दिशाहीन हो गई थी जिसके कारण युवकों को सड़क पर आना पड़ा। कांग्रेस के शासन को देखकर दुनिया आश्चर्य करती थी कि क्या यह उसी देश की सरकार है जिसके लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि 21वीं सदी भारत की होगी।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश के लोगों के लिए काम करने वाली सरकार है। मोदी सरकार ने लगभग दो साल के ही कार्यकाल में चमत्कारिक परिवर्तन किया। गांव, गरीब, किसान, मजदूर तक विकास को पहुंचाया तथा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया। भाजपा अध्यक्ष ने मोदी सरकार द्वारा चलाई गई विभिन्न योजनाओं का जिक्र किया और दावा किया कि पटरी से उतर चुकी देश की अर्थव्यवस्था पटरी पर आ गई है।
पटरी पर आ चुकी है देश की अर्थव्यवस्था
इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है कि भारत अब 7.6 जीडीपी ग्रोथ रेट के साथ दुनिया में सबसे तेजी से विकास करने वाला देश बन चुका है। मोदी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने का काम मोदी सरकार ने किया और आज किसी की हिम्मत नहीं है कि वह इसका उल्लंघन कर सके।
उनका कहना था कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं दीनदयाल उपाध्याय की जोड़ी ने जहां जनसंघ को बढ़ाया वहीं अटल अडवाणी की जोड़ी ने भाजपा को बढ़ाया तो अमित शाह और मोदी की जोड़ी ने भाजपा को शिखर पर पहुंचाया है। उन्होंने केन्द्र में कम से कम 15 साल तक मोदी सरकार के रहने की आवश्यकता बताई। इस अवसर पर भाजपा नेता अमित जैन, श्रीकांत शर्मा, ओम माथुर, मुरलीधर राव, राहुल कोठारी तथा भाजयुमो के देश और प्रदेश स्तर के पदाधिकारी मौजूद थे।