वोटिंग से पहले मुश्किलों में फंसे बीजेपी महासचिव विनोद तावड़े, पैसे बांटने का आरोप, मामला दर्ज

मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में वोटिंग से एक दिन पहले बीजेपी महासचिव विनोद तावड़े की मुश्किलें बढ़ गई है। चुनाव आयोग ने विनोद तावड़े के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मतदान के ठीक 24 घंटे पहले भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े पर पैसे बांटने का संगीन आरोप लगाते हुए विपक्षी पार्टी बहुजन विकास अघाड़ी के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया है। बताया जा रहा है कि मुंबई के होटल में विनोद तावड़े 5 करोड़ रुपए लेकर बांटने के लिए आए थे, हालांकि विनोद तावड़े इन आरोपों को झूठा ठहरा रहे हैं।
हालांकि इस मामले में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने कहा कि “नालासोपारा के विधायकों की बैठक चल रही थी। मतदान के दिन के लिए आदर्श आचार संहिता, वोटिंग मशीन को कैसे सील किया जाएगा और अगर कोई आपत्ति दर्ज करानी है तो क्या करना है… मैं उन्हें इसके बारे में बताने गया था। बहुजन विकास अघाड़ी के कार्यकर्ता अप्पा ठाकुर और क्षितिज को लगा कि हम पैसे बांट रहे हैं।
क्या है मामला
बहुजन विकास अघाड़ी के प्रभुत्व वाले इलाके में भारतीय जनता पार्टी के द्वारा कुछ खेल करने की कोशिश की जा रही थी। इसी बात की सूचना पर बहुजन विकास अघाड़ी के कार्यकर्ता हंगामा करने लगे। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि विनोद तावड़े वोटिंग के पहले नगदी बांटने के लिए आए हुए थे।
इस बीच हंगामा बढ़ता देख कई पुलिस अधिकारी भी होटल पहुंच गए और हंगामा बढ़ने पर बहुजन विकास अघाड़ी के भी कई कार्यकर्ता पहुंच गए हैं। होटल पहुंचे बहुजन विकास अघाड़ी के हितेंद्र ठाकुर और उनके बेटे क्षितिज ठाकुर ने आरोप लगाया कि विनोद तावड़े 5 करोड़ लेकर यहां पर ठहरे हुए हैं। उनके पास से दो डायरियां बरामद हुई हैं, जिसमें पैसे के लेन देन का हिसाब किताब है।
चुनाव आयोग बोला- हमारी टीम जांच कर रही है
चुनाव आयोग ने कहा कि नालासोपारा घटना की जानकारी हम तक पहुंची है। पालघर जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में पुलिस प्रणाली और हमारी चुनाव प्रणाली स्थिति की निगरानी कर रही है। हमारा उड़न दस्ता उस स्थान पर पहुंच गया है जहां यह घटना हुई थी। फ्लाई स्कॉड के जरिए क्षेत्र और होटल का निरीक्षण कर जांच की जा रही है। जिला कलेक्टर का स्थिति पर पूर्ण नियंत्रण है। पुलिस तंत्र की प्राथमिकता कानून और व्यवस्था बनाए रखना है. चुनाव आयोग इस पर पूरा ध्यान दे रहा है।