
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। जहां एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) का शव स्कूल (School) के अंदर फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।मृतक की पहचान हमीमुल इस्लाम के रूप में हुई है। वे पैकमारी चार कृष्णापुर बॉयज प्राइमरी स्कूल में शिक्षक थे। इसके साथ ही वे खरीबोना ग्राम पंचायत के अंतर्गत पूर्वा अलाइपुर गांव के एक मतदान केंद्र में बीएलओ के तौर पर भी काम कर रहे थे।
मामले में रणीतला थाना पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना शनिवार देर रात सामने आई। स्थानीय लोगों ने पैकमारी चार इलाके में स्कूल के अंदर एक कमरे में उनका शव देखा और पुलिस को सूचना दी। वहीं परिवार के सदस्यों ने बताया कि हमीमुल इस्लाम शनिवार सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन दोपहर तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद जब काफी देर तक उनका कोई पता नहीं चला तो परिवार और स्थानीय लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद शनिवार रात उनका शव स्कूल परिसर के एक कमरे में फांसी पर लटका मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
वहीं मामले में मृतक के परिवार का आरोप है कि हमीमुल इस्लाम पर काम का बहुत ज्यादा मानसिक दबाव था। वे एक तरफ स्कूल में शिक्षक की जिम्मेदारी निभा रहे थे और दूसरी तरफ बीएलओ के रूप में चुनाव से जुड़ा काम भी कर रहे थे। परिवार का कहना है कि हाल के दिनों में विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े काम का दबाव काफी बढ़ गया था। इसी वजह से वे लगातार तनाव में रहते थे। वहीं हमीमुल इस्लाम के बड़े भाई फरमान-उल-कलाम ने आरोप लगाया कि एसआईआर से जुड़े काम का दबाव उनके भाई के लिए संभालना बहुत मुश्किल हो गया था। उनका कहना है कि यह दबाव उनकी क्षमता से कहीं ज्यादा था।
घटना के बाद भागबंगोला से तृणमूल कांग्रेस के विधायक रियाज हुसैन सरकार मृतक के घर पहुंचे और परिवार से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग एसआईआर प्रक्रिया को जल्दबाजी में पूरा कराना चाहता है, जिसकी वजह से बीएलओ पर बहुत ज्यादा तनाव पर काम का बोझ बहुत ज्यादा बढ़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हमीमुल इस्लाम को मैपिंग और अनमैपिंग जैसे कई काम सौंपे गए थे। पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।



