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अयोध्या रामायण यूनिवर्सिटी में लगी श्री राम की प्रतिमा, आनंदीबेन पटेल ने किया अनावरण

यूपी के अयोध्या में महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय परिसर में महर्षि के 109 वीं जयंती के उपलक्ष्य में शुक्रवार को श्रीराम प्रतिमा के अनावरण और भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित आधुनिक शिक्षा विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रशासनिक भवन के मुख्य प्रवेश द्वार पर स्थापित 35 फीट ऊंची भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमा के अनावरण के साथ हुई।

प्रतिमा का अनावरण राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया गया। इस अवसर पर वटुक ब्रह्मचारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रामरक्षा स्रोत के मंत्रों से पूरा परिसर गूंज उठा। करीब पांच सौ करोड़ से अधिक की लागत से तैयार महर्षि रामायण विश्वविद्यालय पूरी तरह हाईटेक स्वरूप में विकसित किया जा रहा है। प्रशासनिक भवन के ऊपर स्थापित भगवान राम की प्रतिमा विश्वविद्यालय की पहचान का प्रतीक बन गई है, जो परंपरा और आधुनिकता दोनों को दर्शाती है।

कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने महर्षि महेश योगी के चित्र पट पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके साथ अपनी भावांजलि अर्पित करते हुए कहा कि रामायण विश्वविद्यालय केवल उपाधियां प्रदान करने वाला विश्वविद्यालय नहीं बल्कि मानव विकास का एक सशक्त केंद्र बनकर उभर रहा है। इसके पहले कुलाधिपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने राज्यपाल श्रीमती पटेल का स्वागत करते हुए कहा कि महर्षि ने इस विश्वविद्यालय की परिकल्पना 40 साल पहले की थी, तब राम मंदिर के विवाद में फैसले के उम्मीद भी नहीं थी।

उन्होंने कहा कि योगी सरकार के सहयोग से यह विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान और आधुनिक शिक्षा का संतुलित मॉडल बनकर उभरेगा । यहां छात्र डिग्री नहीं लेंगे, बल्कि तकनीकी ज्ञान, शोध, जीवन मूल्यों के साथ आगे बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा और टेक्नोलॉजी के माध्यम से वैश्विक स्तर तक पहुंचाना है।

उन्होंने राज्यपाल से मांग की कि महर्षि महेश योगी के द्वारा सरलतम पद्धति अन्वेषित भावातीत ध्यान एवं योग को प्रदेश ही नहीं पूरे देश व दुनिया में प्रचारित किया जाए जिससे युवा पीढ़ी लाभान्वित होकर शिक्षा के साथ भारतीय ज्ञान परम्परा को आत्मसात कर सके और अध्यात्मिक रुप से भी समृद्ध हो सके। महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि संस्कृति और टेक्नोलॉजी के कैसे साथ-साथ चल सकती हैं। उन्होंने कहा कि यहां भगवान राम की प्रतिमा का अनावरण सिर्फ प्रतिमा तक नहीं बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा में भी देखने को मिलेगा।

अयोध्या रामराज्य के आदर्शों का प्रतीक
अयोध्या को रामराज्य के आदर्शों का शाश्वत प्रतीक बताते हुए कहा कि यह नगरी न्याय, करुणा, नैतिक शासन और सामाजिक समरसता का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि भारत आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में विकास, नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर अग्रसर है। डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियान नवभारत के निर्माण का आधार हैं।

शिक्षा का नया मॉडल बनेगा विश्वविद्यालय
उत्तर प्रदेश प्राचार्य संघ के अध्यक्ष डॉ. मणि शंकर तिवारी ने कहा कि यह विश्वविद्यालय आने वाले समय में शिक्षा का नया मॉडल बनेगा, जहां टेक्नोलॉजी के साथ चरित्र निर्माण और सोच का विकास होगा। उन्होंने कहा कि आज की जरूरत ऐसी शिक्षा है जो रोजगार, शोध और जीवन तीनों में उपयोगी हो। कार्यक्रम के अंत में कुलपति प्रो. भानु प्रताप सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। आयोजन में विश्वविद्यालय के ट्रस्टी व गवर्निंग बॉडी के मेंबर राहुल भारद्वाज, पंकज शर्मा, कुलसचिव गिरीश छिमवाल, मुख्य वित्त अधिकारी वरुण श्रीवास्तव, आलोक प्रकाश श्रीवास्तव, अवध विश्वविद्यालय के कुलसचिव विनय कुमार सिंह जी अन्य आचार्य एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।

अवध व रामायण विश्वविद्यालय के बीच हुआ एमओयू
अवध विश्वविद्यालय व महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय के बीच शैक्षणिक सहयोग को लेकर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस एमओयू का उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच शिक्षा और शोध के क्षेत्र में मिलकर काम करने का मजबूत ढांचा तैयार करना है। समझौते के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा, शोध कार्य, सांस्कृतिक गतिविधियों और भावातीत ध्यान से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा। यह सहयोग लागू नियमों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप होगा। इससे दोनों विश्वविद्यालयों के छात्र, शिक्षक और शोधार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों में नई सुविधाएं और अवसर मिलेंगे। एमओयू पर दोनों विश्वविद्यालयों के कुल सचिवों ने हस्ताक्षर किया।

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