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टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को समझा था नौसिखिया, लेकिन एक गलती के कारण झेलनी पड़ी हार

नई दिल्‍ली : भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-2 से हार का सामना करना पड़ा. दोनों टीमों के बीच निर्णायक मुकाबला इंदौर (Indore) के होलकर क्रिकेट स्टेडियम में 18 जनवरी (रविवार) को खेला गया, जहां भारतीय टीम को 41 रनों से हार मिली. भारत को इस मुकाबले में जीत के लिए 338 रनों का टारगेट मिला था, लेकिन उसकी इनिंग्स 296 रनों पर ही सिमट गई. विराट कोहली ने 124 रन जरूर बनाए, लेकिन वो टीम को जीत दिलाने के लिए काफी नहीं थे.

माइकल ब्रेसवेल की अगुवाई में न्यूजीलैंड की ये वनडे सीरीज जीत किसी सरप्राइज से कम नहीं है. भारतीय टीम फेवरेट का टैग लेकर वनडे सीरीज में उतरी थी, लेकिन वो अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई. भारतीय टीम ने शायद न्यूजीलैंड को हल्के में ले लिया. बता दें कि इस सीरीज में कीवी टीम अपने सीनियर बल्लेबाज केन विलियमसन, नियमित कप्तान मिचेल सेंटनर और स्टार तेज गेंदबाज मैट हेनरी के बिना उतरी थी.

वहीं ऑलराउडर रचिन रवींद्र और फास्ट बॉलर जैकब डबी को भी वनडे सीरीज के लिए रेस्ट दिया गया था. जेडन लेनोक्स और क्रिस्टियन क्लार्क तो अपनी पहली इंटरनेशनल सीरीज खेलने उतरे थे. वहीं फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर जकारी फाउलकेस की ये तीसरी और विकेटकीपर मिचेल हे की चौथी वनडे सीरीज रही.

हालांकि कम अनुभव के बावजूद न्यूजीलैंड ने भारतीय टीम को पस्त किया. वडोदरा वनडे में भारतीय टीम ने विराट कोहली की मास्टर क्लास पारी के चलते जीत हासिल की. लेकिन राजकोट और इंदौर ओडीआई में भारतीय टीम का प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा. ना बल्लेबाजी में निरंतरता दिखी, ना ही गेंदबाजी उतनी प्रभावशाली रही. नतीजा ये हुआ कि न्यूजीलैंड ने पहली बार भारतीय धरती पर वनडे सीरीज अपने नाम कर लिया.

बल्लेबाजी में डेरिल मिचेल का तोड़ भारतीय टीम नहीं खोज सकी. मिचेल ने पहले वनडे में अर्धशतक जड़ा. फिर लगातार दो मैचों में शतकीय पारी खेली. मिचेल ने 176 की औसत से कुल 352 रन बनाए. मिचेल को वैसे भी भारतीय टीम काफी पंसद है और वो इस टीम के खिलाफ अब तक चार ओडीआई शतक जड़ चुके हैं. विल यंग, ग्लेन फिलिप्स, डेवोन कॉन्वे और हेनरी निकोल्स ने भी कीवी टीम के लिए बल्ले से अच्छा खेल दिखाया.

तेज गेंदबाजों क्रिस्टियन क्लार्क और काइल जेमिसन ने इस सीरीज में न्यूजीलैंड के लिए उम्दा प्रदर्शन किया. क्लार्क ने अपनी डेब्यू सीरीज में 7 विकेट झटके और वो इस सीरीज में सबसे ज्याद विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे. वहीं जेमिसन ने 6 विकेट अपने नाम किए.

देखा जाए तो भारतीय टीम के लिए.इस सीरीज के पॉजिटिव पॉइंट्स विराट कोहली और हर्षित राणा के उम्दा प्रदर्शन रहे. कोहली ने शानदार फॉर्म बरकरार रखते हुए 3 मैचों में 80 की औसत से 240 रन बनाए. वहीं हर्षित राणा ने 6 विकेट झटके और बल्ले से भी 83 रन बनाए. केएल राहुल ने भी राजकोट वनडे में शतकीय पारी खेली थी, जो टीम के लिए अच्छा संकेत है.

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के लिए ये सीरीज निराशाजनक रही और वो 3 पारियों में 61 रन बना ही सके. चोट से उबरकर वापसी करने वाले श्रेयस अय्यर भी केवल 60 रन ही जोड़ पाए. अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा गेंद और बल्ले दोनों से असर नहीं छोड़ सके.

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