1 अप्रैल से टोल प्लाजा पर नकद पर पूरी तरह NO ENTRY, सिर्फ FASTag और UPI से ही होगा टोल टैक्स भुगतान

नई दिल्ली: अब टोल प्लाजा पर कैश लेकर जाने वालों के लिए रास्ता बंद होने जा रहा है। सरकार ने देश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर 1 अप्रैल 2026 से टोल टैक्स के लिए नकद भुगतान पूरी तरह बंद करने का फैसला किया है। यानी टोल पर सिर्फ FASTag या UPI से ही भुगतान मान्य होगा, और नकद लेकर पहुंचने वालों को टोल प्लाजा पर प्रवेश नहीं मिलेगा। यह कदम देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और हाईवे ट्रैफिक को सुचारू बनाने की दिशा में उठाया गया है।
सरकार ने क्या कहा?
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने बताया कि भारत तेजी से डिजिटल सिस्टम की ओर बढ़ रहा है। पहले UPI से टोल भुगतान की सुविधा शुरू की गई थी और लोगों ने इसे खूब अपनाया। अब इसे और आगे बढ़ाते हुए टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद किया जा रहा है। 1 अप्रैल के बाद टोल टैक्स केवल FASTag और UPI के जरिए ही दिया जा सकेगा।
कैश लेन पूरी तरह बंद होगी
इस फैसले के बाद देशभर के टोल प्लाजा पर कैश लेन को बंद कर दिया जाएगा। अभी कई लोग FASTag होने के बावजूद कैश लेन का इस्तेमाल करते हैं, जिससे खासकर त्योहारों और भीड़ वाले समय में जाम लग जाता है। नए नियम के बाद टोल सिस्टम तेज और अधिक पारदर्शी हो जाएगा, और टोल प्लाजा पर वाहनों की कतारें कम होंगी।
बिना बैरियर के टोल की तैयारी
सरकार ने इस बदलाव को एक बड़े सिस्टम सुधार की तैयारी बताया है। जल्द ही टोल प्लाजा पर बिना बैरियर वाले सिस्टम की भी शुरुआत हो सकती है, जिसमें वाहन बिना रुके टोल पार कर जाएंगे और टोल राशि FASTag से अपने आप कट जाएगी। इससे हाईवे पर यात्रा और भी तेज और आरामदायक होगी।
पहले 25 टोल प्लाजा पर होगा ट्रायल
सरकार ने नए सिस्टम का परीक्षण पहले 25 टोल प्लाजाओं पर करने का फैसला किया है। यहां यात्रियों के अनुभव और सिस्टम की क्षमता की जांच की जाएगी। यदि परीक्षण सफल रहा तो इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। इससे जाम कम होंगे, सफर का समय घटेगा और प्रदूषण भी कम होगा।
यात्रियों से क्या अपील की गई?
सरकार ने यात्रियों से कहा है कि 1 अप्रैल से पहले अपना FASTag एक्टिव रखें और बैलेंस की जांच कर लें। जो लोग UPI से भुगतान करते हैं, वे भी इस बदलाव के लिए तैयार रहें। यह कदम हाईवे यात्रा को और अधिक सुगम और तेज बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।



