जीवनशैली

ऑफिस में घंटों बैठने से हो सकती हैं गंभीर बीमारियां, जानें कब और कितनी बार उठना जरूरी

आजकल की लाइफस्टाइल में अधिकांश लोग ऑफिस या घर पर घंटों एक ही कुर्सी पर बैठे रहते हैं, जो आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। लगातार बैठने से रीढ़ की हड्डी कमजोर होती है, मांसपेशियों में जकड़न आती है, रक्त परिसंचरण धीमा पड़ता है और मेटाबॉलिज्म सुस्त हो जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिम जाने से ज्यादा जरूरी है लगातार लंबे समय तक न बैठना और शरीर को सक्रिय रखना।

डॉक्टरों की राय और एक्सपर्ट टिप्स
शारदा केयर हेल्थसिटी के फिजिशियन डॉ. नीरज कुमार के अनुसार लंबे समय तक बैठे रहने से शरीर पर दबाव पड़ता है। मांसपेशियों, हड्डियों और रक्त परिसंचरण के लिए नियमित गतिशीलता जरूरी है। लंबे समय तक एक ही जगह बैठना पीठ, कमर, घुटनों और कंधों के दर्द के साथ-साथ ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर में असंतुलन का कारण बन सकता है।

’30-30 नियम’ अपनाएं
विशेषज्ञों का सुझाव है कि हर 30 मिनट में कम से कम एक बार कुर्सी से उठकर चलना, स्ट्रेचिंग करना या हल्की वॉक करना चाहिए। इस नियम को अपनाने से मांसपेशियों में जकड़न कम होती है, रक्त परिसंचरण सुधरता है और पैरों व पीठ की थकान घटती है। एक सामान्य ऑफिस शिफ्ट में कम से कम 8-10 बार उठकर सक्रिय होना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है।

लगातार बैठने के खतरे
लंबे समय तक बैठने से मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ता है, वजन बढ़ता है, गलत पोस्चर बनता है और हृदय रोग, मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही घुटनों में अकड़न, कमर दर्द और ऊर्जा की कमी जैसी समस्याएं भी आम हो जाती हैं।

कुर्सी से उठने पर क्या करें
हर बार उठते ही जरूरी नहीं कि हैवी एक्सरसाइज की जाए। आप हल्की स्ट्रेचिंग, पानी पीना, टॉयलेट जाना या कुछ कदम चलना कर सकते हैं। इससे शरीर सक्रिय मोड में आता है और लंबे समय तक स्वस्थ रहना आसान होता है।

सलाह
डॉक्टरों का कहना है कि स्वास्थ्य छोटी आदतों से बनता है। थोड़ी-थोड़ी देर में उठकर चलना, स्ट्रेच करना और शरीर को सक्रिय रखना फ्रेशनेस, ऊर्जा और दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। अपने शरीर की जरूरतों को नजरअंदाज न करें और इसे दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

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