‘पॉजिटिव सिग्नल’, ट्रंप के बयान पर भारत की पहली प्रतिक्रिया; PM मोदी को बताया था खास दोस्त

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते रिश्तों पर बड़ी बात कही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की थी. ट्रंप ने हमारे सहयोगी बातचीत में कहा था कि वह पीएम मोदी का बहुत सम्मान करते हैं. इसके साथ ही उन्होंने भारत के साथ एक बेहतरीन ट्रेड डील होने की पूरी उम्मीद भी जताई थी. अश्विनी वैष्णव ने ट्रंप के इस बयान को बाजार और उद्योग जगत के लिए एक बेहद सकारात्मक संकेत बताया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय बातचीत बहुत स्थिर और सुसंगत चल रही है. विश्व आर्थिक मंच (WEF) की बैठक स्विट्जरलैंड के दावोस में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और विदेश मंत्री के नेतृत्व में व्यापारिक मुद्दों पर लगातार चर्चा हो रही है.
डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत में पीएम मोदी के प्रति अपने गहरे सम्मान को स्पष्ट रूप से साझा किया था. उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देश भविष्य में एक बहुत ही अच्छी व्यापारिक डील पर पहुंचेंगे. ट्रंप का यह रुख वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती ताकत और रणनीतिक महत्व का सीधा प्रमाण है. उनके इस सकारात्मक रुख को भविष्य के व्यापारिक रिश्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यह बयान दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही व्यापारिक अनिश्चितता को कम करने में सहायक होगा.
अश्विनी वैष्णव ने दावोस में कहा कि अमेरिका के साथ भारत का जुड़ाव हमेशा से बहुत सुसंगत बना हुआ है. पीयूष गोयल और विदेश मंत्री हर छोटे-बड़े जरूरी बिंदु पर अमेरिकी अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं. भारत अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर ही किसी भी व्यापारिक समझौते को अंतिम रूप देना चाहता है. दावोस में भारतीय डेलिगेशन की बातों ने दुनिया भर के बड़े निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. द्विपक्षीय व्यापार समझौतों को लेकर भारत का पक्ष अब पहले से कहीं अधिक मजबूत और स्पष्ट दिखाई दे रहा है.
अश्विनी वैष्णव के अनुसार ट्रंप के बयान से वैश्विक उद्योग जगत को एक बहुत ही स्पष्ट संदेश मिला है. इससे भारतीय शेयर बाजार और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों में भारत की नीतियों के प्रति भरोसा और ज्यादा बढ़ेगा. एक स्थायी ट्रेड डील होने से दोनों देशों के बीच नई तकनीक और निवेश का आदान-प्रदान काफी आसान होगा. आने वाले समय में भारत और अमेरिका की यह रणनीतिक दोस्ती आर्थिक मोर्चे पर नई ऊंचाइयों को छू सकती है. निवेशकों को उम्मीद है कि इस साझेदारी से भारत में विनिर्माण और सेवा क्षेत्र को बड़ी गति मिलेगी.



