झारखंड में आयुष की संभावनाओं को बल, इरफान अंसारी ने केंद्रीय मंत्री से आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग की

रांची। झारखंड में आयुर्वेद चिकित्सा के विकास को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय आयुष एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव से मुलाकात कर झारखंड में आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज खोलने की स्वीकृति देने की मांग की। इरफान अंसारी ने कहा कि खनिज संपदाओं और औषधीय पौधों से समृद्ध झारखंड को अभी तक आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज की सुविधा नहीं मिल पाई है।
सरकारी और निजी दोनों क्षेत्र में प्रस्ताव
अंसारी ने केंद्रीय मंत्री से एक सरकारी और एक निजी आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज खोलने का आग्रह किया। बैठक में राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार भी मौजूद थे। केंद्रीय राज्य मंत्री ने उनकी मांग पर सैद्धांतिक सहमति जताई और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और जनहितकारी बनाने पर भी चर्चा हुई।
हाईटेक लैब और हेल्थ सेंटर योजना
अंसारी ने रांची सदर अस्पताल और सभी मेडिकल कॉलेजों में जापानी तकनीक आधारित हाईटेक लैब स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने सहमति दी। बैठक में झारखंड के सभी जिलों में वेलनेस हेल्थ सेंटर और हेल्थ कॉटेज के निर्माण के लिए केंद्र एवं राज्य के बीच वित्तीय सहयोग (केंद्र 60%, राज्य 40%) की सहमति भी बनी।
अबुआ स्वास्थ्य योजना और केंद्र सहयोग
इरफान अंसारी ने बताया कि झारखंड सरकार की अबुआ स्वास्थ्य योजना के तहत कार्डधारकों को 15 लाख रुपये तक का निश्शुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग से योजना गरीबों और जरूरतमंदों के लिए और प्रभावी होगी। केंद्रीय मंत्री ने दो अस्पतालों के नाम तुरंत भेजने का निर्देश दिया ताकि सहयोग प्रारंभ किया जा सके।
मेडिकल सीटों में वृद्धि का प्रस्ताव
बैठक में राज्य के धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कालेज और जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कालेज सहित अन्य मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस की सीटें 100 से बढ़ाकर 250 करने और पीजी सीटों में वृद्धि करने का प्रस्ताव भी रखा गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विशेषज्ञ टीम द्वारा निरीक्षण के बाद सीटों में वृद्धि की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।



