छत्तीसगढ़ स्टील प्लांट ब्लास्ट में गया के 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत, बाप-बेटा भी झुलसे; गांव में शोक की लहर

गया जिले के डुमरिया प्रखंड स्थित गोटीबांध गांव में गुरुवार दोपहर अचानक दुखद खबर पहुंची। बताया गया कि छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार भाटापारा जिले की निपनिया तहसील के ग्राम बकुलाही स्थित रियल इस्पात एंड स्टील संयंत्र में डस्ट सेटलिंग चैंबर में धमाका हुआ। इस हादसे में गया के छह मजदूरों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतकों में बाप-बेटा भी शामिल हैं, जो सभी गंभीर रूप से झुलस गए।
हादसे की भयावह स्थिति
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गर्म राख और फैक्ट्री डस्ट के कारण मजदूरों को गंभीर चोटें आईं। हादसे में पांच अन्य श्रमिक भी गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बिलासपुर सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक और घायल के परिवार के सदस्य गोटीबांध पहुंचे। पूरे गांव में मातम और कोहराम मच गया।
स्वजन हुए छत्तीसगढ़ के लिए रवाना
डुमरिया के अंचलाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि मजदूर 10 दिन पहले ही गया से छत्तीसगढ़ फैक्ट्री में काम करने गए थे। मृतकों के परिवारजन तत्काल छत्तीसगढ़ रवाना हो गए। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को मृतकों को उनके पैतृक गांव लाया जाएगा और सामूहिक दाह संस्कार किया जाएगा। इसके लिए सरकारी स्तर पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
गांव की सामाजिक पृष्ठभूमि
गोटीबांध गांव में लगभग 80 घर हैं, जिनमें अधिकांश मांझी समाज के लोग रहते हैं। रोजगार की कमी के कारण कई ग्रामीण पहले से ही छत्तीसगढ़ फैक्ट्री में काम कर रहे थे और उनके माध्यम से मृतक मजदूरों को काम मिला था। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें यह अंदेशा भी नहीं था कि रोजगार के लिए गए स्थान पर ऐसा दर्दनाक हादसा हो सकता है।
मृतकों की पहचान
हादसे में मारे गए मजदूरों में शामिल हैं: 22 वर्षीय श्रवण कुमार (पिता: शंकर भुइया), 22 वर्षीय राजदेव कुमार (पिता: सुंदर भुइया), 31 वर्षीय जितेंद्र भुइया (पिता: रामकेवल भुइया), 42 वर्षीय बदरी भुइया (पिता: छटू भुइया), 40 वर्षीय विनय मुझया (पिता: मंगर भुइया), और 40 वर्षीय सुंदर भुइया (पिता: शिबरन भुइया)। उल्लेखनीय है कि सुंदर भुइया और उनका पुत्र जीतेंद्र भुइया दोनों इस हादसे में झुलसे। इस दर्दनाक हादसे ने न सिर्फ परिवारों को तोड़ा है बल्कि पूरे गोटीबांध गांव में शोक और सन्नाटा फैला दिया है।



