उत्तराखंड

92 दिन बाद उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, पहाड़ों से मैदान तक जोरदार बर्फबारी; आज भी वर्षा-हिमस्खलन का अलर्ट

उत्तराखंड में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मौसम मेहरबान हो गया है। वसंत पंचमी के मौके पर बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, आदि कैलास समेत ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बर्फबारी हुई। करीब 92 दिन बाद प्रदेश में व्यापक स्तर पर वर्षा और हिमपात का दौर देखने को मिला है।

पहाड़ से मैदान तक बढ़ी ठंड, तापमान में तेज गिरावट
राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी बारिश के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ठंड में अचानक बढ़ोतरी से जनजीवन प्रभावित हुआ है। निचले क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है।

पर्यटन और खेती को राहत, दुश्वारियां भी बढ़ीं
वर्षा और बर्फबारी से जहां आम लोगों, पर्यटन कारोबारियों और किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, वहीं भारी हिमपात के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। कई स्थानों पर सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि बिजली और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।

पश्चिमी विक्षोभ बना बर्फबारी की वजह
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक चंद्र सिंह तोमर के मुताबिक, मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के हिमालयी क्षेत्र से टकराने के कारण पूरे उत्तराखंड में व्यापक वर्षा और बर्फबारी हुई है।

केदारनाथ में एक फीट तक जमी बर्फ
जनवरी के अंतिम सप्ताह में इस सीजन की पहली व्यापक बर्फबारी के दौरान केदारनाथ धाम में करीब एक फीट तक बर्फ जम गई। बदरीनाथ, गंगोत्री-यमुनोत्री, औली, हेमकुंड साहिब, तुंगनाथ, मध्यमेश्वर, त्रियुगीनारायण और मलारी-नीती घाटी सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार हिमपात हुआ।

पर्यटन स्थलों पर बर्फ की सफेद चादर
मसूरी, धनोल्टी, चकराता, हर्षिल, चोपता, लैंसडौन, मुनस्यारी, काणाताल, सुरकंडा देवी, नागटिब्बा, लाल टिब्बा और जॉर्ज एवरेस्ट जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल आधे से एक फीट तक बर्फ से ढक गए हैं। मसूरी में माल रोड से किंक्रेग तक बर्फ जमने से नजारा पूरी तरह बदल गया, जिससे पर्यटकों की संख्या में इजाफा देखा गया।

कुमाऊं और गढ़वाल में भी जमकर हिमपात
पिथौरागढ़ जिले में आदि कैलास, ओम पर्वत, गुंजी, नाबी, मुनस्यारी नगर के साथ अल्मोड़ा की सबसे ऊंची भरतकोट चोटी और द्रोणागिरि पर्वतमाला की चोटियों पर अच्छी बर्फबारी हुई। बिनसर, जागेश्वर धाम, वृद्ध जागेश्वर, शीतलाखेत और बागेश्वर जिले के खाती, विनायक, धुर, वाछम सहित ऊंचाई वाले इलाकों में भी हिमपात दर्ज किया गया। नैनीताल के मुक्तेश्वर, रामगढ़, सूपी और धानाचूली में पहुंचे पर्यटकों ने बर्फबारी का भरपूर आनंद लिया।

आज भी वर्षा-बर्फबारी और हिमस्खलन का अलर्ट
शनिवार को पिथौरागढ़, बागेश्वर, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में वर्षा और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन तापमान में और गिरावट के चलते कड़ाके की ठंड पड़ने की चेतावनी दी गई है।

ऊंचाई वाले इलाकों में हिमस्खलन की चेतावनी
डीजीआरई चंडीगढ़ ने शनिवार शाम पांच बजे तक राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। इसे देखते हुए शासन ने संबंधित जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

देहरादून में ऑरेंज अलर्ट, तेज बारिश और बर्फबारी का अनुमान
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून और एनडीएमए के सचेत पोर्टल के अनुसार, देहरादून में कहीं-कहीं भारी वर्षा, गरज के साथ आकाशीय बिजली और मध्यम बर्फबारी की संभावना है। इसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

दून समेत प्रदेश में लुढ़का पारा
देहरादून में दिनभर हुई बारिश के कारण अधिकतम तापमान में करीब 12 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मसूरी का तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी तापमान में तेज गिरावट देखी गई है।

12 जिलों में स्कूल-आंगनबाड़ी बंद
भारी वर्षा और बर्फबारी के अलर्ट के चलते देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी, टिहरी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिलों में 12वीं तक के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।

खेती-बागवानी को मिली संजीवनी
यह वर्षा और बर्फबारी खेती और बागवानी के लिए संजीवनी मानी जा रही है। इससे सेब के बागानों को जरूरी चिलिंग आवर मिलेगा, वहीं मटर और गेहूं की फसलों में भी नमी लौटने की उम्मीद है।

सड़कों पर ब्रेक, यातायात प्रभावित
गंगोत्री हाईवे पर गंगनानी से आगे और यमुनोत्री मार्ग पर राड़ी टाप के आगे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। औली मोटर मार्ग और बदरीनाथ हाईवे बंद कर दिए गए हैं। चकराता-मसूरी-त्यूणी राष्ट्रीय राजमार्ग समेत आठ अन्य मार्ग भी अवरुद्ध हैं।

बर्फ में फंसी बरात, पैदल निकले दूल्हा-दुल्हन
गैरसैंण के सलियाणा गांव से परवाड़ी गांव गई बरात बर्फबारी में फंस गई। हालात ऐसे बने कि दूल्हा-दुल्हन को 21 किलोमीटर पैदल चलकर अपने गांव लौटना पड़ा।

पर्यटन कारोबारियों में उत्साह
बर्फबारी के बाद पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की बढ़ती भीड़ की उम्मीद से पर्यटन व्यवसायियों में उत्साह देखा जा रहा है।

नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क में बुझी जंगल की आग
वर्षा और बर्फबारी नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के लिए भी राहत लेकर आई है। ज्योतिर्मठ क्षेत्र में जंगलों में लगी आग पूरी तरह बुझ गई है, जिससे प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।


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