पाकिस्तान में मानवता शर्मसार: 6 साल की ईसाई बच्ची से दरिंदगी, शिक्षक के भाई ने बनाया हवस की शिकार

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के फैसलाबाद जिले के जारनवाला क्षेत्र से एक मासूम बच्ची के साथ रेप का दिल दहलाने वाला मामला सामने आया । छह वर्षीय ईसाई बच्ची श्माया सलीम के साथ हुई यौन हिंसा ने देश की कानून-व्यवस्था और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस जघन्य घटना की कड़ी निंदा करते हुए ह्यूमन राइट्स फोकस पाकिस्तान (HRFP) ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और पीड़िता व उसके परिवार को पूर्ण सुरक्षा देने की मांग की है।
पीड़िता के पिता सलीम मसीह, जो दिहाड़ी मजदूर हैं, ने HRFP को बताया कि यह घटना 10 दिसंबर 2025 को हुई। श्माया रोज़ की तरह अपनी ट्यूशन पढ़ने शिक्षिका सीरत के घर गई थी, जहां उसे शिक्षक के भाई मुहम्मद उजैर डोगर ने अगवा कर लिया।जब बच्ची तय समय पर घर नहीं लौटी तो माता-पिता ने तलाश शुरू की। मौके पर पहुंचने पर मां कलसूम बीबी ने बच्ची की चीखें सुनीं। परिवार के अन्य सदस्य के साथ जब वे कमरे में दाखिल हुए, तो आरोपी को बच्ची के साथ यौन हिंसा करते हुए देखा। पकड़े जाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया।
परिवार बच्ची को तुरंत अस्पताल ले गया, लेकिन आरोप है कि अस्पताल ने पहले इलाज से इनकार किया और पुलिस कार्रवाई की बात कहकर उन्हें थाने भेज दिया। मेडिकल जांच के बाद डॉक्टरों ने इसे बलात्कार का प्रयास और बच्ची की हत्या की कोशिश बताया, हालांकि बच्ची की जान बच गई। HRFP का कहना है कि पीड़ित परिवार को उसके ईसाई होने के कारण धमकियां, दबाव और भेदभाव झेलना पड़ रहा है। स्थानीय प्रभावशाली लोग मामले को रफा-दफा करने का दबाव बना रहे हैं। गांव से भी किसी ने परिवार का साथ नहीं दिया, जिससे वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। HRFP अध्यक्ष नदीम वाल्टर ने कहा कि यह मामला पाकिस्तान में बाल सुरक्षा, पुलिस कार्रवाई और अल्पसंख्यकों को न्याय मिलने की व्यवस्था की बड़ी विफलता को उजागर करता है। मामला फिलहाल अदालत में है। 24 जनवरी को हुई सुनवाई में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई, जबकि अगली सुनवाई 3 फरवरी को तय है।



