भारत बनेगा सेमीकंडर का हब, वित्त मंत्री सीतारमण ने 40000 करोड़ का किया ऐलान

Nirmala Sitharaman Speech: वित्त मंत्री ने उपकरण और सामग्री उत्पादन, पूर्ण-स्टैक भारतीय बौद्धिक संपदा डिजाइन करने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने के लिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की। हम उन्नत प्रौद्योगिकी के विकास के लिए उद्योग-नेतृत्व वाले अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्रों पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत को सेमीकंडर हब बनाने के लिए सरकार काम कर रही है। सेमीकंडक्टर के लिए 40 हजार करोड़ रुपये अलॉट किए गए हैं।
आईएसएम 2.0 के शुभारंभ के साथ भारत सेमीकंडक्टर मिशन का विस्तार किया जाएगा और घरेलू उत्पादन को मजबूत करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक घटक निर्माण के लिए आवंटन बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ किया जाएगा।
सेमीकंडक्टर सेक्टर में बड़े निवेश की तैयारी
सेमीकंडक्टर सेक्टर में वैश्विक खिलाड़ी बनने के लिए बड़े निवेश की जरूरत है। निवेश आकर्षित करने के लिए सरकार अमेरिका की प्रमुख तकनीकी और सेमीकंडक्टर कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है, जिनमें एचपी, डेल, इंटेल और गूगल जैसी कंपनियां शामिल हैं।
दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर कंपनी माइक्रॉन टेक्नोलॉजी भारत में अपना असेंबली, परीक्षण, मार्किंग और पैकेजिंग (ATMP) प्लांट स्थापित करने की योजना बना रही है। इस प्लांट का इस्तेमाल दुनिया भर में बन रहे वेफर्स की प्रोसेसिंग के लिए किया जाएगा और इसके लिए लगभग एक अरब डॉलर का निवेश प्रस्तावित है।
सेमीकंडक्टर मार्केट हब बनने की राह पर भारत
फॉर्च्यून बिजनेस इनसाइट्स के अनुसार, वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार 2022 में 573.44 बिलियन डॉलर था और यह 2029 तक 1,380.79 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं, इंटरनेशनल डेटा कॉरपोरेशन (IDC) के मुताबिक, 2022 में वैश्विक सेमीकंडक्टर का राजस्व 661 बिलियन डॉलर को पार कर गया।
इतने विशाल बाजार में भारत भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। 2026 में भारत में घरेलू सेमीकंडक्टर खपत 80 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान है। इस सेक्टर के महत्व को देखते हुए भारत ग्लोबल सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में एक प्रमुख भागीदार बनने की दिशा में काम कर रहा है और विश्व स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है।
7% ग्रोथ रेट की दर से बढ़ी देश की अर्थव्यवस्था
केंद्रीय बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “पीएम मोदी के नेतृत्व में कई प्रकार के बदलाव किए गए हैं। आत्मनिर्भरता हमारी अर्थव्यवस्था का मूल मंत्र है। सरकार के फैसलों से हमने नागरिकों को लाभ पहुंचाने की पूरी कोशिश की है। पिछले साल देश की अर्थव्यवस्था 7 फीसदी ग्रोथ रेट की दर से बढ़ी है।”



