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सहकारी क्षेत्र को नई दिशा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा संबल : डॉ.प्रवीण जादौन

केंद्रीय बजट 2026 को यूपी राज्य निर्माण सहकारी संघ के निदेशक ने बताया दूरदर्शी पहल

लखनऊ : केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026 को सहकारी आंदोलन और ग्रामीण भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ के निदेशक डॉ.प्रवीण सिंह जादौन ने कहा कि यह बजट किसानों, ग्रामीण उद्यमियों और सहकारी संस्थाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। डॉ.जादौन ने कहा कि बजट में सहकारी समितियों के लिए कर कटौती के दायरे का विस्तार किया जाना स्वागतयोग्य कदम है। अब दूध, तिलहन, फल एवं सब्ज़ी की आपूर्ति करने वाली समितियों के साथ-साथ पशु चारा और कपास बीज की आपूर्ति से जुड़ी सहकारी संस्थाओं को भी कर राहत के अंतर्गत शामिल किया गया है। इससे प्रदेश की हजारों सहकारी समितियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।

उन्होंने कहा कि नई कर व्यवस्था के तहत अंतर-सहकारी समितियों को लाभांश आय पर कर कटौती की अनुमति देना एक ऐतिहासिक निर्णय है। इससे सहकारी समितियों के सदस्यों के बीच आय के पारदर्शी और न्यायसंगत पुनर्वितरण को बढ़ावा मिलेगा, जो सहकारिता की मूल भावना के अनुरूप है। डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने निवेश प्रोत्साहन से जुड़े प्रावधानों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सहकारी संघ के माध्यम से 31 जनवरी 2026 तक कंपनियों में किए गए निवेश पर प्राप्त लाभांश आय को तीन वर्षों तक कर छूट देना सहकारी संस्थाओं को दीर्घकालिक निवेश के लिए प्रेरित करेगा। इससे न केवल सहकारी संस्थाओं की आय बढ़ेगी, बल्कि वे आधुनिक तकनीक और अधोसंरचना में निवेश कर सकेंगी।

India News Budget 2026 – ??? 2026

उन्होंने कहा कि बजट 2026 में कृषि और ग्रामीण विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है। प्राथमिक सहकारी समितियों (PACS) और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के माध्यम से ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर सरकार का फोकस स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। इससे गांवों में भंडारण, प्रसंस्करण, विपणन और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। डॉ. जादौन ने कहा कि सहकारी क्षेत्र को सशक्त बनाकर सरकार ने किसानों को बाजार से सीधे जोड़ने और बिचौलियों की भूमिका को कम करने की दिशा में सार्थक प्रयास किया है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थायित्व मिलेगा। अंत में उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 ‘विकसित भारत’ के संकल्प को मजबूत आधार प्रदान करता है। सहकारी संस्थाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाकर यह बजट न केवल ग्रामीण भारत को गति देगा, बल्कि सामाजिक और आर्थिक समावेशन को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

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