मध्य प्रदेशराज्य

जबलपुर में बरगी डैम की नहर फूटने से खेतों में पानी भरने से फसलें हुई बर्बाद, सर्वे के निर्देश

जबलपुर : मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में रविवार को बरगी बांध से जुड़ी नहर में दरार आने से सगड़ा-झपनी गांव के आसपास के खेतों में पानी भर गया। अचानक हुई इस घटना से इलाके के ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने तत्काल नहर के गेट बंद कर दिए और पानी का बहाव रोक दिया गया। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नहर की मरम्मत का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, बरगी बांध की दाहिनी ओर स्थित नहर में दरार आने के कारण आसपास के कृषि क्षेत्र जलमग्न हो गए। सगड़ा-झपनी गांव के पास तटबंध को नुकसान पहुंचा है, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया। यह घटना दोपहर करीब 2:30 बजे की बताई जा रही है। स्थिति बिगड़ने से पहले ही नहर के गेट बंद कर दिए गए थे, जिससे पानी के बहाव को नियंत्रित कर लिया गया।

कलेक्टर ने बताया कि मरम्मत का काम युद्धस्तर पर जारी है। उल्लेखनीय है कि रानी अवंती बाई सागर परियोजना, जिसे बरगी परियोजना के नाम से भी जाना जाता है, राज्य की प्रमुख जल परियोजनाओं में शामिल है। यह बांध जिला मुख्यालय से लगभग 32 किलोमीटर दूर स्थित है। जिस नहर में दरार आई है, वह मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में स्थित रीवा जिले तक जाती है।

इस बीच स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नहर की हालत काफी समय से खराब थी और इसकी शिकायतें पहले भी की गई थीं, लेकिन उन पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। प्रशासन का कहना है कि पिछले वर्ष मार्च में मरम्मत से जुड़े प्रस्ताव को सरकार को भेजा गया था। फिलहाल राइट बैंक कैनाल के कार्यकारी और इंजीनियर मौके पर मौजूद हैं, वहीं राजस्व अधिकारी और तकनीकी टीमें भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

कलेक्टर ने बताया कि नहर की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। बता दें कि रानी अवंती बाई सागर परियोजना राज्य की एक प्रमुख बांध परियोजना है। इसे बरगी परियोजना के रूप में जाना जाता है। यह परियोजना जिला मुख्यालय से लगभग 32 किमी दूर है। जिस नहर में दरार आई है वह मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र के रीवा जिले तक जाती है।

कलेक्टर ने कहा कि पिछले साल मार्च में मरम्मत कार्यों से जुड़े एक प्रस्ताव को मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा गया था। वहीं स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नहर की स्थिति लंबे समय से खराब है। इसकी शिकायत अधिकारियों से की गई है लेकिन इन शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया। राइट बैंक कैनाल के कार्यकारी और इंजीनियर काम में लगे हैं। राजस्व अधिकारी और तकनीकी दल भी घटनास्थल पर मौजूद हैं।

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