देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में गृह विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने प्रदेश में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि जनपद और पुलिस मुख्यालय स्तर पर महत्वपूर्ण मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित हो सके।
अभियोजन और फॉरेंसिक सिस्टम को मजबूत करने पर जोर
मुख्य सचिव ने अभियोजन और फॉरेंसिक जांच से जुड़े तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन प्रक्रियाओं की प्रगति और निगरानी प्रभावी तरीके से की जानी चाहिए। साथ ही ई-समन व्यवस्था के विस्तार पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
1905 हेल्पलाइन शिकायतों की डीएम-एसएसपी स्तर पर निगरानी
मुख्य सचिव ने कहा कि आम जनता की शिकायतों के निस्तारण के लिए 1905 हेल्पलाइन पर प्राप्त मामलों की जिलाधिकारी और एसएसपी स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने गृह और पुलिस विभाग से जुड़े मामलों के समाधान के लिए थाना और तहसील दिवस आयोजित करने के निर्देश दिए। इसके लिए सचिव गृह, सचिव राजस्व, मंडलायुक्त और पुलिस विभाग को मिलकर एक स्पष्ट एसओपी तैयार करने को कहा गया। उन्होंने सुझाव दिया कि हर महीने 2 से 3 समाधान कैंप आयोजित किए जा सकते हैं।
थानों में जब्त वाहनों की नीलामी पर निर्देश
मुख्य सचिव ने थानों में लंबे समय से जमा जब्त वाहनों की नीलामी कर स्थान खाली कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्यायालयों में लंबित मामलों से जुड़े वाहनों के शीघ्र निस्तारण के लिए संभावनाओं का परीक्षण किया जाए।
पॉक्सो और साइबर अपराध पर जीरो टॉलरेंस
मुख्य सचिव ने पॉक्सो मामलों में तत्काल और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है, जिसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाने और सिस्टम को और मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने साइबर अपराध के खिलाफ जनजागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन पर भी बल दिया।
वन स्टॉप सेंटर और ड्रग्स विरोधी अभियान पर फोकस
मुख्य सचिव ने वन स्टॉप सेंटर्स को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। ड्रग्स के खिलाफ चल रहे अभियानों को तेज करने और एनकॉर्ड (NCORD) की मासिक बैठकों को तय समय सीमा में अनिवार्य रूप से आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने विभागों को लंबित रिपोर्ट तत्काल भेजने और विवेचनाओं में अनावश्यक देरी न करने के निर्देश दिए।
नशामुक्ति और जनजागरूकता पर विशेष अभियान
मुख्य सचिव ने मानस नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन प्लेटफॉर्म के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को नशे की लत से बचाने में शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका बेहद अहम है। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भी इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही नशामुक्ति केंद्रों में ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल के अनुपालन की निगरानी और बड़े सरकारी अस्पतालों में नशामुक्ति के लिए कुछ बेड आरक्षित करने की संभावनाओं पर भी विचार करने को कहा गया।
वरिष्ठ अधिकारी और जिलाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, प्रमुख सचिव श्री एल. फैनाई, श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री शैलेश बगौली सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा प्रदेशभर से सभी जिलाधिकारी वर्चुअल और प्रत्यक्ष रूप से समीक्षा बैठक में शामिल हुए।
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