छत्तीसगढ़राज्य

छत्तीसगढ़ के दमगढ़ में आदिवासी गौरव सम्मेलन के दौरान 66 लोगों की घर वापसी

नई दिल्ली : छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के दमगढ़ गांव में सोमवार को एक महत्वपूर्ण सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन देखने को मिला। पंडरिया विधानसभा से भाजपा विधायक भावना बोहरा के प्रयासों से प्रेरित होकर आदिवासी परिवारों के 66 लोगों ने अपनी पारंपरिक सनातन पहचान की ओर वापसी की। इस अवसर पर आयोजित आदिवासी गौरव सम्मेलन और सम्मान समारोह में पूरे क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताया।

कार्यक्रम के दौरान विधायक भावना बोहरा ने घर वापसी करने वाले सभी लोगों का पारंपरिक विधि से स्वागत किया। उन्होंने स्वयं उनके चरण धोकर सम्मान प्रकट किया और यह संदेश दिया कि आदिवासी समाज भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा है। पूरे आयोजन में पारंपरिक वेशभूषा लोकगीत और सांस्कृतिक उत्साह देखने को मिला जिससे गांव का वातावरण श्रद्धा और आत्मगौरव से भर गया।

इस अवसर पर विधायक भावना बोहरा ने कहा कि आदिवासी समुदाय सदियों से प्रकृति पूजा लोक देवताओं के सम्मान और सामुदायिक जीवन शैली का पालन करता आया है। यह परंपराएं सनातन संस्कृति की आधारशिला हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह घर वापसी किसी दबाव का परिणाम नहीं बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान को समझने और स्वीकार करने का स्वैच्छिक निर्णय है।

सम्मेलन के दौरान क्षेत्र के विकास से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण पहल भी सामने आई। विधायक विकास निधि से वित्त पोषित दो बाइक एम्बुलेंस का उद्घाटन किया गया। इन एम्बुलेंस का उद्देश्य दूरदराज और दुर्गम वन क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध कराना है। छिड़पानी और कुई कुकदुर सहित अनेक गांवों को इससे सीधा लाभ मिलेगा।

बाइक एम्बुलेंस के माध्यम से गर्भवती महिलाओं गंभीर रूप से बीमार मरीजों और दुर्घटना पीड़ितों को प्राथमिक उपचार के साथ स्वास्थ्य केंद्रों तक तेजी से पहुंचाया जा सकेगा। जिन क्षेत्रों में सड़क संपर्क सीमित है वहां यह सेवा जीवन रक्षक साबित होगी और सैकड़ों परिवारों को समय पर इलाज मिल सकेगा।

विधायक भावना बोहरा ने कहा कि कुछ लोग निजी लाभ के लिए आदिवासी समाज को भ्रमित करने का प्रयास करते हैं। यदि वास्तव में उनकी चिंता होती तो वे आदिवासी इतिहास स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान और आदिवासी नायकों के बलिदान के बारे में जागरूकता फैलाते। उन्होंने बताया कि पहले भी नेउर क्षेत्र के आसपास के गांवों से 115 लोग और कुई कुकदुर इलाके से 70 लोग अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौट चुके हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पीएम जन मन योजना के माध्यम से सड़क आवास बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं वन क्षेत्रों तक पहुंच रही हैं। इससे आदिवासी समुदाय में नई उम्मीद आत्मविश्वास और विकास की भावना मजबूत हो रही है।

Related Articles

Back to top button