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चुनावी समर से पहले ममता सरकार का अंतरिम बजट आज, कल्याण और विकास पर रहेगा फोकस

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आसन्न विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार गुरुवार को विधानसभा में अंतरिम बजट (लेखानुदान) पेश करने जा रही है। इस बजट को न सिर्फ राज्य की आर्थिक दिशा बताने वाला दस्तावेज माना जा रहा है, बल्कि इसे तृणमूल कांग्रेस की सत्ता में चौथी वापसी की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।

राज्यपाल के अभिभाषण से होगी बजट सत्र की शुरुआत
बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल सीवी आनंद बोस के अभिभाषण से होगी। इसके बाद वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य सदन में अंतरिम बजट प्रस्तुत करेंगी। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस बजट को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह चुनाव से पहले सरकार की प्राथमिकताओं का स्पष्ट संकेत देगा।

महिला और युवा केंद्रित हो सकता है बजट
सूत्रों के अनुसार अंतरिम बजट में महिला और युवा वर्ग पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है। बंगाल की राजनीति में महिला वोट बैंक तृणमूल कांग्रेस की मजबूत ताकत रहा है। ऐसे में महिलाओं और युवाओं के लिए नई वित्तीय सहायता योजनाओं की घोषणा की संभावना जताई जा रही है।

ग्रामीण कनेक्टिविटी और पेयजल परियोजनाओं पर जोर
चुनाव से पहले सरकार ग्रामीण इलाकों को साधने की कोशिश में जुटी है। बजट में गांवों को जोड़ने वाली सड़कों, पेयजल परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बड़े निवेश की घोषणा संभव मानी जा रही है।

केंद्र बनाम राज्य का मुद्दा फिर हो सकता है गर्म
अंतरिम बजट के दौरान केंद्र सरकार द्वारा रोकी गई फंड राशि का मुद्दा एक बार फिर उठ सकता है। खासतौर पर मनरेगा और आवास योजनाओं को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच चल रहा टकराव बजट भाषण में प्रमुखता से सामने आ सकता है।

लोकप्रिय योजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रावधान संभव
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि चुनावी संदेश भी होगा। ममता सरकार के इस लेखानुदान में ‘लक्ष्मी भंडार’, ‘स्वास्थ्य साथी’, ‘कन्याश्री’ और ग्रामीण रोजगार से जुड़ी योजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए जाने की पूरी संभावना है।

विपक्ष के तेवर रहेंगे सख्त
यह बजट सत्र विपक्षी दल भाजपा के लिए भी बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके बाद सभी विधायक चुनावी मैदान में उतरेंगे। माना जा रहा है कि भाजपा इस सत्र में आनंदपुर अग्निकांड, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगी। इसके संकेत पहले ही सामने आ चुके हैं।


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