देहरादून। पर्वतीय राज्य उत्तराखंड ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा मुकाम हासिल किया है। एक साल में रूफटॉप सोलर कनेक्शन 6.2 गुना बढ़कर 58,562 तक पहुंच गए हैं, जिससे राज्य देश के 26 अन्य राज्यों को पीछे छोड़ते हुए टॉप-10 राज्यों में शामिल हो गया है। इन सिस्टम्स से 58,724 परिवार मुफ्त बिजली का लाभ उठा रहे हैं।
पीएम सूर्य घर योजना से मिली रफ्तार
फरवरी 2024 में शुरू हुई पीएम सूर्य घर योजना ने इस प्रगति को और तेज किया। पूरे देश में अब तक 20,85,514 रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। राज्यवार रैंकिंग में उत्तराखंड अब 9वें स्थान पर है और तमिलनाडु, हरियाणा, ओडिशा जैसे अधिक आबादी वाले राज्यों को चुनौती दे रहा है।
उत्तराखंड और अन्य प्रमुख राज्यों की तुलना
| राज्य | रूफटॉप सोलर सिस्टम्स |
|---|---|
| उत्तराखंड | 58,562 |
| तमिलनाडु | 51,227 |
| हरियाणा | 48,149 |
| ओडिशा | 27,614 |
| तेलंगाना | 25,272 |
| छत्तीसगढ़ | 21,365 |
| जम्मू-कश्मीर | 18,497 |
| कर्नाटक | 15,082 |
| बिहार | 14,276 |
| पंजाब | 10,777 |
स्वच्छ ऊर्जा और कार्बन उत्सर्जन में कमी
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम्स लगने से अगले 25 वर्षों में लगभग 720 मिलियन टन कार्बन डाइ ऑक्साइड कम होगी। इसी अनुपात में उत्तराखंड में लगे 58,724 सिस्टम्स से अनुमानित 42.28 लाख टन कार्बन डाइ ऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी।
योजना के प्रमुख लाभ
- परिवारों के लिए मुफ्त या सस्ती बिजली
- सरकार पर बिजली सब्सिडी का बोझ कम
- जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटेगी
- स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा
- कार्बन उत्सर्जन में प्रभावी कमी
उत्तराखंड की यह सफलता न केवल पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण है, बल्कि राज्य को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने वाले अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल कर रही है।




