उत्तराखंड

धामी सरकार का रोजगार रिकॉर्ड: साढ़े चार साल में 28 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी, सख्त कानूनों से बदली भर्ती व्यवस्था

देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में साढ़े चार साल का कार्यकाल रोजगार के मोर्चे पर अहम माना जा रहा है। सरकार के मुताबिक इस अवधि में प्रदेश के 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। वर्ष 2021 में सत्ता संभालने के बाद बीते 54 महीनों में विभिन्न चयन आयोगों के जरिए नियमित भर्तियां पूरी कराई गईं, जिससे औसतन हर महीने 518 युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर मिला।

विभिन्न आयोगों से समयबद्ध भर्तियां
राज्य लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और चिकित्सा सेवा चयन आयोग के माध्यम से अलग-अलग विभागों में नियुक्तियां की गईं। सरकार का दावा है कि भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी और पारदर्शिता आने से युवाओं का भरोसा मजबूत हुआ है। पहले जहां नियुक्तियों में दो से तीन साल तक का वक्त लग जाता था, अब औसतन एक साल के भीतर प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

आने वाले एक साल में और बढ़ेंगी नौकरियां
सरकार ने संकेत दिए हैं कि अगले एक वर्ष में भी रिकॉर्ड संख्या में नई भर्तियां कराई जाएंगी। इससे प्रदेश में रोजगार के अवसर और बढ़ने की उम्मीद है। इसके साथ ही कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को देश और विदेश में रोजगार से जोड़ने पर भी फोकस किया जा रहा है।

नकल विरोधी कानून से बदली परीक्षा व्यवस्था
फरवरी 2023 में लागू किए गए सख्त नकल विरोधी कानून के बाद भर्ती परीक्षाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सरकार का कहना है कि इस कानून से परीक्षाएं समय पर, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो रही हैं। इससे न केवल चयन प्रक्रिया तेज हुई है, बल्कि योग्य अभ्यर्थियों को समय पर नियुक्ति भी मिल रही है।

विदेशी रोजगार की दिशा में भी पहल
मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत आतिथ्य, नर्सिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर में युवाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद उन्हें जर्मनी और जापान जैसे देशों में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। अब तक 154 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि 37 युवाओं को जापान में नौकरी मिल चुकी है।

मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर रिकॉर्ड भर्तियां की गईं, भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया और कौशल विकास व स्वरोजगार योजनाओं के जरिए भी युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

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