NCP विलय की चर्चा के बीच शरद पवार पहुँचे सुनेत्रा पवार के घर, दी अजित पवार को श्रद्धांजलि

मुंबई : राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के संस्थापक शरद पवार (Sharad Pawar) बुधवार को बारामती पहुंचे और अपने दिवंगत भतीजे एवं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार को श्रद्धांजलि (Tribute to Ajit Pawar) अर्पित की। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित पुनर्मिलन की अटकलें तेज हैं।
शरद पवार ने सहयोग सोसायटी स्थित सुनेत्रा पवार के आवास पर जाकर पुष्पांजलि दी। इस अवसर पर परिवार के कई सदस्य मौजूद थे, जिनमें अजित पवार के बेटे पार्थ और जय पवार और भतीजे विधायक रोहित पवार शामिल थे। शरद पवार मंगलवार देर रात बारामती पहुँचे और शहर में आयोजित शोक सभा में भी शामिल हुए। हालांकि इस दौरान कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली कि उन्होंने सुनेत्रा पवार के साथ कोई राजनीतिक बातचीत की। यह दौरा इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि हाल ही में सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनी हैं। शपथग्रहण के बाद शरद पवार ने इसे “महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम” बताया था।
शरद पवार की अजित पवार के दोनों बेटों पार्थ और जय के साथ एक बंद कमरे में बैठक भी हुई, जो बारामती के विद्या प्रतिष्ठान परिसर में करीब डेढ़ घंटे चली। बैठक के एजेंडे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इसमें एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय और आगामी जिला परिषद चुनावों पर चर्चा हुई हो सकती है।
अजित पवार की मृत्यु से पहले, उनके नेतृत्व में NCP के पुनर्मिलन की बातचीत अंतिम चरण में थी। अजित पवार ने 12 फरवरी को इसका ऐलान करने की तारीख तय की थी। शरद पवार ने मीडिया से कहा कि विलय की बातचीत जयंत पाटिल और अजित पवार कर रहे थे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हालांकि सवाल उठाया कि अगर बातचीत आगे बढ़ी थी, तो उन्हें इसकी जानकारी दी जाती।
एनसीपी की युवा इकाई ने अजित पवार को श्रद्धांजलि देने के लिए चार दिवसीय राष्ट्रव्यापी ‘अस्थि कलश यात्रा’ शुरू की। इस यात्रा में पवार की अस्थियाँ कश्मीर से कन्याकुमारी तक प्रमुख नदियों और धार्मिक स्थलों में विसर्जित की जाएंगी, और यह 10 से अधिक राज्यों से होकर गुजरेगी।
श्रद्धांजलि, पारिवारिक मुलाकात और राजनीतिक बैठकों के इस संयोग ने बारामती को एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति के केंद्र में ला दिया है। यह यात्रा और शोक कार्यक्रम पुणे जिले के बारामती में 28 जनवरी को हुए विमान हादसे की पृष्ठभूमि में हो रहे हैं, जिसमें अजित पवार और चार अन्य लोगों की मृत्यु हुई थी।



