अंतरराष्ट्रीय VOIP कॉल को लोकल कॉल में बदलकर हो रही थी साइबर ठगी, चीन से ऑपरेट हो रहा था नेटवर्क; मधुबनी में बड़ा खुलासा

मधुबनी। मधुबनी जिले में समानांतर अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज चलाकर देशभर में साइबर ठगी को अंजाम देने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और मधुबनी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सिम बॉक्स डिवाइस के जरिए अवैध गतिविधियां संचालित कर रहे विदेशी साइबर गिरोह से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
सिम बॉक्स से VOIP कॉल को बनाया जाता था लोकल वॉइस कॉल
पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने अपने कार्यालय कच्छ में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि गिरफ्तार आरोपियों सिम बॉक्स डिवाइस का इस्तेमाल कर अंतरराष्ट्रीय वीओआईपी कॉल को लोकल वॉइस कॉल में बदलते थे। इसके जरिए साइबर अपराधियों और असामाजिक तत्वों को देशभर में ठगी करने में मदद दी जा रही थी। यह पूरा नेटवर्क विदेशी साइबर फ्रॉड गिरोह से जुड़ा हुआ था।
देश के अलग-अलग हिस्सों में फैला था साइबर ठगी का नेटवर्क
एसपी ने बताया कि मधुबनी से संचालित यह गिरोह विदेशी साइबर फ्रॉड नेटवर्क के संपर्क में रहकर देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को साइबर ठगी का शिकार बना चुका है। जांच में सामने आया है कि यह गतिविधि लंबे समय से चल रही थी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पकड़े गए अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह के सदस्यों में राजनगर थाना क्षेत्र के राजपूताना टोल निवासी सुरेश सिंह का पुत्र मनदीप सिंह, शिविपट्टी निवासी विनोद कामती का पुत्र रौशन कुमार कामती और नगर थाना क्षेत्र के लहेरियागंज निवासी सिम विक्रेता मो. अब्बास का पुत्र मो. एहसास शामिल हैं। पुलिस ने इनके साथ एक अन्य आरोपी विकास कुमार को भी गिरफ्तार किया है।
छापेमारी में भारी मात्रा में उपकरण और फर्जी सिम बरामद
आरोपियों के पास से 20 सिम स्लॉट वाले सात सिम बॉक्स, वीआई, एयरटेल और जियो के खाली सिम रैपर, टीपी लिंक के कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दो एयरटेल फाइबर राउटर, चार फोन मदर बोर्ड, एक यूएसबी चार्जर स्टेशन, 25 चार्जिंग केबल, विभिन्न कंप्यूटर केबल, एक लैपटॉप, एसबीआई डेबिट कार्ड, एक ट्रॉली बैग, 1.68 लाख रुपये नकद, 136 मोबाइल फोन और 136 फर्जी सिम बरामद किए गए हैं। इसके अलावा एटीएम कार्ड, आधार कार्ड और पैन कार्ड भी जब्त किए गए हैं।
विदेशी नेटवर्क से आ रही कॉल्स के बाद हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बॉर्डर सुरक्षा को लेकर विभिन्न एजेंसियों के साथ नियमित बैठकों के दौरान यह जानकारी सामने आई कि मधुबनी जिले में बड़े पैमाने पर विदेशी कॉल आ रही हैं। टेलीकॉम कंपनियों से मिले इनपुट के आधार पर संदिग्ध नंबरों की पहचान की गई, जिसके बाद डीआईयू, ईओयू, सीसीएस, डीओटी, आईबी, टेलीकॉम विभाग, मधुबनी साइबर थाना, नगर थाना और टेक्निकल टीम ने बुधवार को संयुक्त छापेमारी की।
घर में चल रहा था अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज
संयुक्त टीम ने शहर के तिरहुत नगर कॉलोनी स्थित सुरेश सिंह के मकान की घेराबंदी कर छापेमारी की। इस दौरान कमरों में जमीन पर फैले दर्जनों इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चालू हालत में मिले। मौके से मास्टरमाइंड मनदीप सिंह और उसके सहयोगी रौशन कुमार कामती को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
चीन से होता था सिम बॉक्स का संचालन
पूछताछ में मनदीप सिंह ने खुलासा किया कि उसके पास कुल सात सिम बॉक्स थे और सिम की सप्लाई में रौशन कुमार कामती मदद करता था। सिम विक्रेता मो. एहसास और विकास कुमार प्रति सिम 700 से 1000 रुपये लेते थे। कुछ समय बाद सिम बंद हो जाने पर उन्हें जला दिया जाता था। सभी सिम बॉक्स का संचालन लैपटॉप के जरिए चीन से किया जाता था।
कई देशों तक फैला है साइबर गिरोह का नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का नेटवर्क चीन, वियतनाम, कंबोडिया, थाईलैंड, म्यांमार, नेपाल समेत अन्य देशों तक फैला हुआ है। मामले की जांच को और विस्तारित किया जा रहा है।
इन एजेंसियों की रही अहम भूमिका
छापेमारी दल में सीसीएस के डीएसपी पंकज कुमार, इंस्पेक्टर रजनीश कुमार केसरी, नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार, जिला साइबर थाना इंस्पेक्टर मुकुल रंजन, टेक्निकल सेल और डीओटी, ईओयू, डीआईयू, आईबी, एसएसबी सहित कई सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी और जवान शामिल थे।
छापेमारी टीम को मिलेगा पुरस्कार
पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया कि इस सफल कार्रवाई में शामिल जिले के सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा और उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को विशेष सम्मान के लिए अनुशंसा की जाएगी।


