पड़ोसी देश पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार, 6 फरवरी को जुमे की नमाज के दौरान भयानक धमाका हुआ। शहजाद टाउन इलाके के तरलाई इमामबाड़े में हुए इस विस्फोट में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दर्जनभर से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस और रेस्क्यू टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इस धमाके को आत्मघाती हमला बताया जा रहा है।
अस्पतालों में आपातकाल, राहत कार्य जोर पर
घटना की गंभीरता को देखते हुए इस्लामाबाद के प्रमुख अस्पतालों में आपातकाल लागू कर दिया गया है। पॉलीक्लिनिक अस्पताल, पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) और CDA अस्पताल अलर्ट पर हैं। PIMS के प्रवक्ता ने बताया कि अस्पताल के मुख्य इमरजेंसी, ऑर्थोपेडिक विभाग, बर्न सेंटर और न्यूरोलॉजी विभाग को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। घायलों को लगातार इन अस्पतालों में लाया जा रहा है।
जिम्मेदारी अभी तक किसी ने नहीं ली
फिलहाल विस्फोट की वास्तविक वजह का पता नहीं चल पाया है। जांच एजेंसियां घटनास्थल से सबूत जुटा रही हैं और धमाके के परिस्थितियों की समीक्षा कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां पूरे शहर में अलर्ट पर हैं। फॉरेंसिक टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और अधिकारियों का कहना है कि घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद साझा की जाएगी। राजधानी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।
राजधानी में हाल के धमाकों की याद ताजा
यह धमाका ऐसे समय में हुआ है जब तीन महीने पहले ही इस्लामाबाद के G-11 इलाके में बड़ा आत्मघाती हमला हुआ था। 11 नवंबर 2025 को जिला एवं सत्र न्यायालय के बाहर हुए उस धमाके में 12 लोगों की मौत हुई थी और 30 से अधिक लोग घायल हुए थे। आज का विस्फोट उस हमले की यादें ताजा कर रहा है और राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।




