ICC ने मोड़ा मुंह, BCCI ने खोला खजाना; U19 चैंपियंस के लिए करोड़ों के इनाम का ऐलान

हरारे: जूनियर क्रिकेट में भारत का डंका एक बार फिर पूरी दुनिया में बज गया है। आयुष म्हात्रे की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे की धरती पर इतिहास रचते हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। शुक्रवार को हरारे में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 100 रनों के विशाल अंतर से हराकर रिकॉर्ड छठी बार वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इस ऐतिहासिक जीत के तुरंत बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अपना दिलदार अंदाज दिखाते हुए जूनियर टीम के लिए खजाने का मुंह खोल दिया है। बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने टीम के शानदार प्रदर्शन से खुश होकर पूरी टीम के लिए 7.5 करोड़ रुपये के नकद इनाम का ऐलान किया है।
ICC ने नहीं दिया इनाम, लेकिन BCCI ने कर दी धनवर्षा
अंडर-19 स्तर पर आईसीसी की पॉलिसी के तहत वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम को कोई आर्थिक पुरस्कार नहीं दिया जाता, क्योंकि इसे खिलाड़ियों के विकास के तौर पर देखा जाता है। टीम इंडिया के खिलाड़ी सिर्फ मेडल और ट्रॉफी लेकर लौटे, लेकिन बीसीसीआई ने उनकी मेहनत का पूरा सम्मान किया। खिताबी जीत के अगले दिन यानी शनिवार 7 फरवरी को बोर्ड ने अपनी परंपरा को निभाते हुए इस बंपर इनाम की घोषणा की। यह अंडर-19 स्तर पर बीसीसीआई द्वारा दी गई अब तक की सबसे बड़ी इनामी राशि है। इससे पहले 2025 में अंडर-19 महिला टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम को बोर्ड ने 5 करोड़ रुपये दिए थे।
14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने लिखी जीत की पटकथा
फाइनल मुकाबले में जीत के असली हीरो बिहार के 14 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी रहे। पूरे टूर्नामेंट में तीन बार शतक से चूकने वाले वैभव ने सबसे बड़े मंच पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उन्होंने फाइनल में इंग्लैंड के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए महज 80 गेंदों में 175 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली, जिसमें 15 चौके और 15 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। वैभव की इस रिकॉर्डतोड़ पारी की बदौलत भारत ने बोर्ड पर 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में इंग्लैंड की टीम कैलब फॉल्कनर के शतक के बावजूद दबाव में बिखर गई और 311 रनों पर ढेर हो गई। वैभव को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और पूरे टूर्नामेंट में 439 रन बनाने के लिए ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ भी चुना गया।



