
‘पत्नी मुझे नीले ड्रम में भर देती, इसलिए मैंने मार डाला!’ बरेली में ‘डॉक्टर बंगाली’ के डबल मर्डर का खौफनाक खुलासा
Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस ने एक ऐसे सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश किया है, जिसकी कहानी सुनकर अनुभवी पुलिस अफसरों के भी पसीने छूट गए। एक आरोपी, एक डॉक्टर और दो कत्ल—इस गुत्थी को सुलझाने में पुलिस को 13 महीने लग गए। आरोपी ने पुलिस के सामने कबूल किया कि उसने अपनी पत्नी को सिर्फ इसलिए मार दिया क्योंकि उसे डर था कि पत्नी उसे ‘नीले ड्रम’ में डालकर मार देगी।
13 महीने बाद मिला इंसाफ: नदी किनारे मिली थीं हड्डियां
पूरा मामला थाना क्योलड़िया इलाके का है। जनवरी 2025 में 16 साल की एक किशोरी गायब हुई थी। पुलिस को सितंबर 2025 में कैलाश नदी के पास गन्ने के खेत से एक चोटी, कुछ कपड़े और हड्डियां मिलीं। डीएनए (DNA) टेस्ट से पुष्टि हुई कि ये हड्डियां उसी लापता किशोरी की थीं। जब पुलिस ने मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले, तो गांव के ही सलीम हुसैन का नाम सामने आया।
पॉलीग्राफ टेस्ट का डर और गिरफ्तारी
सलीम पहले पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन जैसे ही कोर्ट ने उसके पॉलीग्राफ (लाई डिटेक्टर) टेस्ट की अनुमति दी, सलीम डर कर फरार हो गया। वह अपने साथी ‘डॉक्टर बंगाली’ के साथ पश्चिम बंगाल भागने की फिराक में था, तभी पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को धर दबोचा।
खौफनाक कबूलनामा- ‘वो मुझे नीले ड्रम में भर देती’
गिरफ्तारी के बाद सलीम के साथी आसिम उर्फ डॉ. बंगाली ने जो राज उगला, उसने सबको सन्न कर दिया। डॉ. बंगाली ने कबूल किया कि 2017 में उसने अपनी पत्नी रजनी की हत्या कर शव दफना दिया था। आरोपी ने कहा कि उसकी पत्नी उसे मारना चाहती थी। उसने ‘नीले ड्रम’ वाली एक कहानी का जिक्र करते हुए कहा कि वो मुझे मारकर ड्रम में भर देती, इससे पहले मैंने ही उसे रास्ते से हटा दिया। वहीं सलीम ने कबूल किया कि उसने 16 साल की किशोरी को गन्ने के खेत में बुलाकर दुपट्टे से गला घोंटकर मार डाला था।
अपराधी का पुराना इतिहास
पकड़े गए आरोपियों में से सलीम हुसैन पर पहले से ही लूट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। डॉ. बंगाली, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल का है, वह भी अपहरण और पॉक्सो एक्ट का आरोपी रह चुका है। दोनों ने मिलकर बरेली में मौत का जाल बिछा रखा था। वहीं एसपी (उत्तरी) मुकेश चंद्र मिश्रा का बयान दिया कि यह एक बेहद पेचीदा मामला था। 13 महीने की कड़ी मेहनत और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हमने दो अलग-अलग समय पर हुई हत्याओं का खुलासा किया है। दोनों आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है।



