
मैंने मजदूरी की है, चाय बेची है: यूपी भाजपा के नए अध्यक्ष
एजेन्सी/ भाजपा नेतृत्व ने सियासी रूप से देश के सबसे महत्वपूर्ण सूबे के संगठन की जिम्मेदारी फूलपुर के युवा सांसद केशव प्रसाद मौर्य को दे कर सबको चौंका दिया है। आजादी के बाद पहली बार इस संसदीय क्षेत्र में कमल खिलाने वाले मौर्य पर पार्टी ने बहुत बड़ा सियासी दांव चलाया है। अध्यक्ष बनाए जाने के घोषणा के बाद हिमांशु मिश्र ने मौर्य से सूबे में भावी रणनीति, चुनावी मुद्दों सहित अन्य विषयों पर बातचीत की-
प्रश्न- राजनीतिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण सूबे की संगठन की कमान,कितनी बड़ी चुनौती है यह आपके लिए?
जवाब- सच कहूं तो इसे मैं चुनौती से ज्यादा बहुत बड़ा दायित्व मान रहा हूं। नेतृत्व ने मुझ जैसे साधारण कार्यकर्ता पर भरोसा जताया है। पूरा विश्वास है कि नेतृत्व के इस भरोसे पर सौ फीसदी खरा उतरूंगा।
प्रश्न- आप लंबे समय तक विहिप से जुड़े रहे हैं। क्या पार्टी की योजना आपकी हिंदूवादी छवि को भुनाने और विधानसभा चुनाव में राम मंदिर का मुद्दा जोर शोर से उठाने की है?
जवाब- एक बात मैं साफ कर देना चाहता हूं। राम मंदिर निर्माण हमारा चुनावी मुद्दा नहीं है। विधानसभा चुनाव में राम मंदिर निर्माण हमारा मुद्दा नहीं होगा। हम सपा सरकार और सपा के नेताओं-कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी के साथ-साथ पूर्ववर्ती बसपा सरकार के भ्रष्टाचार को चुनावी मुद्दा बनाएंगे। इस दौरान मोदी सरकार की उपलब्धियां और किए गए विकास कार्यों पर जनादेश मांगेंगे। राम मंदिर का मुद्दा हमारा चुनावी मुद्दा नहीं बल्कि आस्था से जुड़ा मुद्दा है।



