यूपी के 74 जिलों के लिए विधिक सेवा प्रचार वाहन रवाना, अब एक फोन कॉल पर मुफ्त मिलेगी कानूनी सलाह

लखनऊ। प्रदेश में आम लोगों को आसानी से न्याय दिलाने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। प्रदेश के 74 जिलों के लिए विधिक सेवा प्रचार वाहनों को रवाना किया गया और राज्य स्तरीय मध्यस्थता हेल्पलाइन 1800-180-1212 की शुरुआत की गई है। इस नंबर पर फोन करके लोग अपने विवादों के समाधान के लिए मध्यस्थता प्रक्रिया की जानकारी और निश्शुल्क विधिक परामर्श ले सकेंगे। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ परिसर में उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में इन प्रचार वाहनों को रवाना किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश व राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष विक्रम नाथ ने किया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों को विशेष मल्टी यूटिलिटी प्रचार वाहन दिए गए हैं। इन वाहनों का उद्देश्य दूर-दराज के ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में जाकर लोगों को निश्शुल्क विधिक सहायता की जानकारी देना है। इन वाहनों के जरिये लोगों को मुफ्त कानूनी मदद, सरकारी योजनाओं और उनके अधिकारों की जानकारी दी जाएगी। योजना का खर्च राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा वहन किया गया है।
यह हेल्पलाइन वैकल्पिक विवाद निस्तारण को बढ़ावा देगी और छोटे-मोटे मामलों को अदालत जाने से पहले ही सुलझाने में मदद करेगी। इससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी और न्याय प्रक्रिया आसान बनेगी।
इस मौके पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश पंकज मित्तल, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली, दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय, बांबे उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर, न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी सहित उत्तर प्रदेश शासन और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। संचालन उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव डॉ. मनु कालिया ने किया।



