उत्तर प्रदेशराज्य

विधान परिषद में गरजे CM योगी: कांग्रेस हो गई ‘मुक्त’, सपा भी संभले वरना हो जाएगी सदन से बाहर

लखनऊ में सोमवार को विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी को नसीहत देते हुए कहा कि कांग्रेस से सबक लेना चाहिए, क्योंकि कांग्रेस अब विधान परिषद से बाहर हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि समाजवादी पार्टी भी विधानसभा और परिषद से विहीन होना चाहती है तो अनर्गल प्रलाप और महापुरुषों का अपमान करती रहे, अन्यथा ऐसा आचरण न करे जिससे समाज में विद्वेष की स्थिति उत्पन्न हो।

सीएम ने विपक्ष से अपील की कि उत्तर प्रदेश की नई पहचान को संकट में न डालें। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष जिम्मेदार भूमिका निभाते हुए प्रदेश के विकास की यात्रा में सहभागी बनेगा तो जनता उसे सम्मान देगी।

नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। टीमवर्क से कार्य करने पर ही परिणाम सामने आते हैं और आज गांव, गरीब, युवा, महिला, किसान और हस्तशिल्पी—हर वर्ग के मन में विश्वास दिखाई देता है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित है, अपराधी भयभीत हैं, गरीब को सम्मान मिल रहा है, किसान खुशहाल हैं, महिलाओं को सुरक्षा की गारंटी है और युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। हर गांव में बिजली और हर हृदय में गर्व की भावना है। उन्होंने कहा कि यूपी रामराज्य की आधारभूमि के रूप में नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है।

वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का लक्ष्य, सपा पर निशाना

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनकल्याण, रोजगार सृजन, निवेश विस्तार और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से प्रदेश ने सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध राज्य के रूप में नई पहचान बनाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप वर्ष 2029-30 तक उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है और बजट उसी दिशा में प्रस्तुत किया गया है।

सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि सपा बजट की सराहना नहीं कर पाई क्योंकि उसके पास अच्छा करने का समय नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने न कभी अच्छा किया और न ही अच्छा बोल पाएगी। डबल इंजन सरकार के माध्यम से प्रदेश में विकास को मजबूती दी जा रही है, जबकि विपक्ष कई क्षेत्रों में जनता को गुमराह कर रहा है।

संवैधानिक संस्थाओं पर प्रहार का आरोप

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर जातीय संघर्षों को बढ़ावा देने और समाज में विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आस्था का अपमान, अराजकता और संवैधानिक मूल्यों पर प्रहार स्वीकार्य नहीं है।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चल रही एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं होती। आयोग की गाइडलाइन के अनुसार तंत्र कार्य करता है। उन्होंने सदन में बताया कि 2.88 करोड़ से अधिक लोग अनुपस्थित, मृत या शिफ्ट हो चुके हैं। आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ऐसे लोगों के नाम पर फर्जी वोट बनाकर पोलिंग कराती थी। सपा द्वारा फॉर्म-7 को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर उन्होंने फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 की उपयोगिता भी स्पष्ट की।

एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े कर्मियों से दुर्व्यवहार का आरोप

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े बीएलओ और अन्य कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट कर रहे हैं। इसे उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि यदि हम संविधान की शपथ लेते हैं तो संस्थाओं का सम्मान करना भी हमारी जिम्मेदारी है।

यूपी में शिक्षा व्यवस्था में सुधार का दावा

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा और स्कूलों की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। बेसिक शिक्षा में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत बड़े बदलाव किए गए हैं। श्रमिकों और निराश्रित बच्चों के लिए विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक जनपद में दो सीएम कंपोजिट विद्यालय स्वीकृत किए गए हैं और लक्ष्य है कि न्याय पंचायत स्तर तक नेटवर्किंग कर प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक एक ही परिसर में आधुनिक सुविधाओं के साथ शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।

माध्यमिक शिक्षा के तहत एडेड-गवर्नमेंट कॉलेज और प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है। टाटा टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर 150 आईटीआई में एआई, ड्रोन और रोबोटिक्स जैसी इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पर कार्य शुरू किया गया है। प्रदेश में राजकीय और निजी क्षेत्र के लगभग 75 विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के मजबूत केंद्र के रूप में कार्य कर रहे हैं।

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